क्रिटिकॉन 2025 गोरखपुर में सफलतापूर्वक संपन्न, देश-विदेश के विशेषज्ञों ने साझा किए इनोवेटिव विचार
गोरखपुर, 5 अक्टूबर 2025।
गोरखपुर में आयोजित तीन दिवसीय राज्य स्तरीय क्रिटिकॉन 2025 (Criticon 2025) सम्मेलन का आज भव्य समापन हुआ। यह आयोजन गहन चिकित्सा (Critical Care) क्षेत्र में पूर्वांचल के इतिहास का एक महत्वपूर्ण अध्याय साबित हुआ। तीसरे दिन के सत्र भी अत्यंत ज्ञानवर्धक और रोचक रहे, जिनमें देश-विदेश से आए विशेषज्ञ चिकित्सकों ने अपनी प्रस्तुतियाँ दीं।
कार्यक्रम की शुरुआत पेपर प्रेज़ेंटेशन विनर्स के सम्मान के साथ हुई। इसके बाद आगरा की डॉ. दिप्तीमाला अग्रवाल ने “The Human Within the Monitor: Rediscovering Compassion in Critical Care” विषय पर सारगर्भित व्याख्यान दिया। उन्होंने कहा कि आधुनिक उपकरणों के बीच काम करते हुए भी चिकित्सकों को मानवीय संवेदनाओं और करुणा को नहीं भूलना चाहिए।
अगले सत्रों में विभिन्न हॉलों में सेप्सिस, हाइपोक्सिया मैनेजमेंट, एबीजी एनालिसिस, आईसीयू में पॉइंट ऑफ केयर और क्रिटिकल केयर टेक्नोलॉजीज पर विस्तृत चर्चा हुई। विशेषज्ञों ने जटिल परिस्थितियों में रोगी प्रबंधन, सही एंटीबायोटिक चयन, श्वसन संबंधी चुनौतियों और पोस्ट-ऑपरेटिव केयर की रणनीतियों को सरल भाषा में समझाया।
सम्मेलन की विशेष आकर्षण रहे ISCCM के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. श्रीनिवास समवेदन। उन्होंने गौतम बुद्ध हॉल में “Extubate Early & Prevent Re-intubation in Post-op Major Abdominal Surgery” विषय पर अपने व्याख्यान से चिकित्सकों को महत्वपूर्ण व्यवहारिक टिप्स दिए। वहीं संत कबीर हॉल में उन्होंने “Prone Ventilation in Resource Limited Settings” विषय पर अपने अनुभव साझा किए, जो छोटे अस्पतालों में काम कर रहे चिकित्सकों के लिए अत्यंत लाभकारी साबित हुए।
सम्मेलन के समानांतर एम्स गोरखपुर में आयोजित नर्सिंग वर्कशॉप भी अत्यधिक सफल रही। करीब 200 नर्सिंग स्टाफ व फैकल्टी ने इसमें भाग लिया। वेंटिलेशन मैनेजमेंट, मेडिकेशन सेफ्टी, इमरजेंसी टीमवर्क और मॉडर्न पैशेंट केयर प्रैक्टिसेज़ पर हैंड्स-ऑन ट्रेनिंग, लेक्चर सीरीज़ और प्रैक्टिकल डेमो के माध्यम से प्रशिक्षण दिया गया।
समापन सत्र में आयोजक समिति के चेयरमैन डॉ. माहीम मित्तल ने वोट ऑफ थैंक्स प्रस्तुत किया। उन्होंने सभी फैकल्टी, डेलीगेट्स, आयोजन टीम, मीडिया, एग्ज़िबिटर्स, ट्रैवल और इवेंट मैनेजमेंट टीम के योगदान को सराहा। डॉ. संतोष शर्मा, डॉ. ए.के. मल्ल और डॉ. आदित्य लांबा ने भी कहा कि यह सम्मेलन आने वाले वर्षों में मरीजों की बेहतर देखभाल हेतु नई दिशा प्रदान करेगा।
तीन दिवसीय यह सम्मेलन न केवल चिकित्सकों के लिए ज्ञानवर्धक रहा, बल्कि गोरखपुर के चिकित्सा क्षेत्र को राष्ट्रीय मानचित्र पर एक नई पहचान भी दिला गया।