स्व. नागेन्द्र सिंह ‘दाढ़ी बाबा’ की 26वीं पुण्यतिथि पर 6 सितंबर को श्रद्धांजलि सभा
गोरखपुर, 28 अगस्त।
सरलता, सादगी और कर्मयोगी जीवन के प्रतीक स्वर्गीय नागेन्द्र सिंह ‘दाढ़ी बाबा’ की 26वीं पुण्यतिथि पर आगामी 6 सितंबर को सरस्वती विद्या मंदिर शिक्षण संस्थान गोरखपुर में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया जाएगा।
दाढ़ी बाबा, जिन्हें लोग सफेद धोती–कुर्ता, सिर पर सफेद रूमाल और पैरों में खड़ाऊं पहने एक संतस्वरूप व्यक्तित्व के रूप में याद करते हैं, अपने कर्म और समाज सेवा के लिए सदैव प्रेरणास्रोत बने रहे। वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचारक रहे और बिहार-उत्तर प्रदेश के अनेक गाँवों में भ्रमण कर शिक्षा के महत्व को समाज तक पहुँचाया।
शिक्षा को ही समाज उन्नति का मूल मंत्र मानते हुए उन्होंने 13 जुलाई 1964 को गोरखनाथ की पवित्र भूमि पर सरस्वती विद्या मंदिर की स्थापना की, जो आज प्रदेश का अग्रणी शिक्षण संस्थान बन चुका है। उनके जीवन का ध्येय वाक्य था – “निःसंदेह कर्म ही जीवन है।”
दाढ़ी बाबा भारतीय संस्कृति और परंपराओं के प्रबल पोषक होने के साथ-साथ समाजोपयोगी आधुनिकता के भी समर्थक थे। वे मानते थे कि विद्यालय एक पवित्र मंदिर है और छात्र उसके भक्त हैं, जिन्हें प्रेम और संस्कार के साथ शिक्षित करना ही सच्ची सेवा है।
समाजसेवा और राष्ट्रहित के कार्यों में आजीवन समर्पित रहने वाले दाढ़ी बाबा का जीवन सादगी और त्याग का अद्भुत उदाहरण रहा। उनके प्रयासों से शिक्षा की ज्योति गोरखपुर ही नहीं, बल्कि प्रदेश के अनेक हिस्सों में फैली।
श्रद्धांजलि सभा में उनके भतीजे एवं सरस्वती विद्या मंदिर परिवार के संरक्षक प्रभात कुमार सिंह सहित संस्थान के पदाधिकारी, शिक्षाविद्, छात्र और समाजसेवी बड़ी संख्या में शामिल होकर उनके आदर्शों को नमन करेंगे।