डीडीयू विश्वविद्यालय और टीसीएस मिलकर देंगे विद्यार्थियों को रोज़गार उन्मुख प्रशिक्षण
गोरखपुर। दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय और टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज़ (टीसीएस) ने एक संयुक्त पहल के तहत विश्वविद्यालय परिसर और संबद्ध 32 सरकारी एवं सहायता प्राप्त महाविद्यालयों के लगभग 3500 छात्र-छात्राओं को रोजगारोन्मुख प्रशिक्षण देने का निर्णय लिया है। यह प्रशिक्षण टीसीएस के युवा रोजगार कार्यक्रम के अंतर्गत संचालित होगा।
इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों को डिजिटल अर्थव्यवस्था और 21वीं सदी की प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करना है। खासतौर पर समाज के उन वर्गों को प्राथमिकता दी जाएगी जिन्हें उच्च शिक्षा और उद्योग तक पहुंच में कठिनाई होती है— जैसे एससी, एसटी, दिव्यांगजन, महिलाएँ और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस)।
प्रत्येक महाविद्यालय से लगभग 100 छात्रों का समूह बनाया जाएगा। चयनित छात्रों को 104 घंटे का प्रशिक्षण दिया जाएगा जिसमें व्यवसायिक संवाद, तर्क क्षमता, संख्यात्मक योग्यता, कंप्यूटर अनुप्रयोग, सॉफ्ट स्किल्स और डिजिटल दक्षता जैसे विषय शामिल होंगे। प्रशिक्षण में उद्योग विशेषज्ञों द्वारा मॉक इंटरव्यू, रिज़्यूमे निर्माण और करियर मार्गदर्शन भी शामिल होगा। सफल प्रतिभागियों को नि:शुल्क प्रमाणपत्र और राष्ट्रीय पात्रता परीक्षाओं में विशेष अवसर मिलेगा।
यह कार्यक्रम चार चरणों में संचालित होगा—
शिक्षण: व्यवसायिक कौशल, तकनीकी दक्षता और डिजिटल स्किल्स का प्रशिक्षण।
कोचिंग: नेतृत्व क्षमता और परियोजना सहयोग।
मार्गदर्शन: उद्योग विशेषज्ञों से करियर परामर्श और साक्षात्कार तैयारी।
प्लेसमेंट: छात्रों को रोजगार, उद्यमिता और उच्च शिक्षा के अवसरों से जोड़ना।
कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने कहा कि विश्वविद्यालय हमेशा विद्यार्थियों को केवल डिग्री तक सीमित नहीं रखता बल्कि उन्हें उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करता है। उन्होंने कहा कि टीसीएस के साथ यह साझेदारी वंचित वर्ग के छात्रों के लिए रोजगार और आत्मनिर्भरता की नई संभावनाएँ खोलेगी।
गाइडेंस एंड प्लेसमेंट सेल के निदेशक प्रो. अजय कुमार शुक्ल ने बताया कि यह प्रशिक्षण विश्वविद्यालय परिसर के साथ-साथ संबद्ध 32 महाविद्यालयों के विद्यार्थियों के लिए भी होगा। उन्होंने कहा कि यह पहल छात्रों की रोजगार क्षमता को बढ़ाकर उन्हें कॉर्पोरेट जगत की वास्तविक आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करेगी।