PHM NEWS

Gorakhpur News : अनुशासन, धैर्य एवं स्व मूल्यांकन सफलता का मूल मन्त्र : प्रो. राजवंत राव

प्रकाशित: 13 Sep 2025

गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के संस्कृत एवं प्राकृत भाषा विभाग में शुक्रवार को दीक्षारम्भ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विभागाध्यक्ष एवं अधिष्ठाता कला संकाय प्रो. राजवंत राव ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि अनुशासन, धैर्य और स्व मूल्यांकन सफलता का मूल मंत्र है। उन्होंने छात्रों को जीवन में सकारात्मक सोच और संतोष का भाव अपनाने का आह्वान किया।

प्रो. राव ने अपने उद्बोधन में कहा कि दीक्षारम्भ भारतीय परंपरा का मूल है और भारत सरकार का यह शैक्षणिक उपक्रम न केवल सराहनीय बल्कि अनुकरणीय भी है। उन्होंने छात्रों से कहा कि विश्वविद्यालय में ज्ञान प्राप्त करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उस ज्ञान को अर्थवान बनाकर समाज की प्रगति में योगदान देना प्रत्येक छात्र का कर्तव्य है। उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षक-शिष्य संबंध भारतीय शिक्षा परंपरा की धुरी है, इसलिए विद्यार्थियों को सदैव अपने गुरुओं के प्रति कृतज्ञता का भाव बनाए रखना चाहिए।

कार्यक्रम की शुरुआत विभागीय समन्वयक डॉ. देवेंद्र पाल द्वारा स्वागत भाषण और प्रास्ताविकी प्रस्तुत करने से हुई। इसके बाद छात्रों को विश्वविद्यालय की परंपरा, उद्देश्यों और शैक्षणिक अनुशासन से अवगत कराया गया। संचालन और संयोजन का दायित्व डॉ. ज्ञानधर भारती ने निभाया, जबकि कार्यक्रम के अंत में धन्यवाद ज्ञापन डॉ. सूर्यकांत त्रिपाठी ने किया।

इस अवसर पर विभाग के सभी शिक्षकगण मौजूद रहे। नवागत छात्र-छात्राओं ने बड़ी संख्या में कार्यक्रम में भाग लेकर नई शैक्षणिक यात्रा की शुरुआत की। वातावरण में उत्साह और अनुशासन का समन्वय देखते ही बन रहा था। कार्यक्रम ने विद्यार्थियों को न केवल प्रेरणा दी बल्कि उनके लिए शिक्षा के उद्देश्य और महत्व को भी स्पष्ट किया।