जिलाधिकारी दीपक मीणा ने कहा— उद्योगों की समस्याओं का त्वरित निस्तारण प्राथमिकता
गोरखपुर। विकास भवन सभागार में शुक्रवार को जिलाधिकारी दीपक मीणा की अध्यक्षता में उद्योग बंधु बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में जिले के विभिन्न औद्योगिक इकाइयों के प्रतिनिधियों ने अपने सुझाव और समस्याएं रखीं। जिलाधिकारी ने कहा कि प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है कि उद्योग जगत की सभी समस्याओं का त्वरित और पारदर्शी निस्तारण किया जाए, ताकि जिले में औद्योगिक विकास की रफ्तार को और बढ़ाया जा सके।
बैठक में गीडा सीईओ अनुज मलिक, जीडीए उपाध्यक्ष आनंद वर्धन, मुख्य विकास अधिकारी शाश्वत त्रिपुरारी, एसपी ट्रैफिक राजकुमार पांडेय समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं उद्योग बंधु उपस्थित रहे। जिलाधिकारी ने कहा कि सभी विभाग आपसी समन्वय बनाकर कार्य करें ताकि किसी उद्यमी को अनावश्यक परेशानी न हो। उन्होंने कहा कि उद्योगों से जुड़ी बिजली, सड़क, सीवरेज, जलापूर्ति, सुरक्षा और परिवहन जैसी मूलभूत सुविधाओं को और बेहतर बनाने के लिए ठोस कार्ययोजना बनाई जाए।
डीएम दीपक मीणा ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि उद्योग जगत से संबंधित लंबित प्रकरणों की नियमित समीक्षा की जाए और सुनिश्चित किया जाए कि उद्यमियों को सभी आवश्यक सेवाएं समयबद्ध रूप से प्राप्त हों। उन्होंने कहा कि औद्योगिक इकाइयों को एक सुगम और पारदर्शी वातावरण प्रदान करना जिला प्रशासन की प्रतिबद्धता है, जिससे निवेश को प्रोत्साहन मिले और रोजगार के नए अवसर उत्पन्न हों।
बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि जिले में औद्योगिक विकास तभी संभव है जब प्रशासन और उद्योग जगत के बीच संवाद और सहयोग की मजबूत कड़ी बने। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि उद्योगों से संबंधित शिकायतों को गंभीरता से लें और समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर करें। उन्होंने यह भी कहा कि गोरखपुर को क्षेत्रीय औद्योगिक केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए हर संभव कदम उठाए जा रहे हैं।
बैठक के अंत में जिलाधिकारी ने उद्योग बंधुओं के साथ खुला संवाद किया और उनके सुझावों को ध्यानपूर्वक सुना। कई मुद्दों पर उन्होंने मौके पर ही संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि उद्योगों की प्रगति से न केवल स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत होगी, बल्कि युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। प्रशासन की यही कोशिश है कि गोरखपुर निवेश और उद्योग के क्षेत्र में प्रदेश का अग्रणी जिला बने।