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डीएम दीपक मीणा का सख्त संदेश — “टेबल के नीचे नहीं, टेबल के ऊपर होना चाहिए हर कार्य”

प्रकाशित: 05 Oct 2025

गोरखपुर। मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के अंतर्गत पात्र किसानों को पारदर्शी एवं समयबद्ध लाभ सुनिश्चित करने के उद्देश्य से शनिवार को कलेक्ट्रेट स्थित पर्यटन भवन सभागार में जिलाधिकारी दीपक मीणा की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में मुख्य राजस्व अधिकारी हिमांशु वर्मा, सभी तहसीलदार एवं नायब तहसीलदार उपस्थित रहे।

बैठक को संबोधित करते हुए डीएम दीपक मीणा ने स्पष्ट निर्देश दिए कि योजना के तहत मिलने वाली लगभग ₹5 लाख की सहायता राशि पूरी ईमानदारी के साथ केवल वास्तविक पात्र लाभार्थियों तक ही पहुँचे। उन्होंने कहा — “यह धन जनता की सहायता के लिए है। किसी अनुचित व्यक्ति को एक पैसा भी न मिले। भ्रष्टाचार या पक्षपात कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”

जिलाधिकारी ने सभी तहसीलदारों को एक सप्ताह के भीतर प्राप्त सभी प्रार्थना पत्रों की सघन जांच पूरी करने का आदेश दिया। उन्होंने कहा कि मृतक के परिजनों द्वारा प्रस्तुत मृत्यु प्रमाणपत्र, खतौनी, बैंक विवरण एवं अन्य दस्तावेजों की पूरी तरह क्रॉस वेरिफिकेशन की जाए।

डीएम ने विशेष रूप से निर्देशित किया कि ई-परवाना पोर्टल और रियल टाइम खतौनी (RTC) का उपयोग अनिवार्य रूप से किया जाए, ताकि आवेदक के भूमि अभिलेखों की सटीक पुष्टि हो सके और फर्जीवाड़ा पूरी तरह रोका जा सके।

कड़े लहजे में चेतावनी देते हुए डीएम दीपक मीणा ने कहा —

> “टेबल के नीचे कोई काम नहीं होना चाहिए, टेबल के ऊपर ही काम होना चाहिए। योजना गरीब किसान परिवारों के लिए है — इसे किसी भी हालत में धांधली का साधन नहीं बनने देंगे।”

 

मुख्य राजस्व अधिकारी हिमांशु वर्मा ने बताया कि जिले में अब तक प्राप्त सभी प्रकरणों की सूची तैयार कर ली गई है और तहसील स्तर पर जांच की कार्रवाई जारी है। रिपोर्ट सत्यापित होते ही सहायता राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खाते में भेजी जाएगी।

बैठक के अंत में जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि एक सप्ताह के भीतर प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करें, अन्यथा लापरवाही पाए जाने पर कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।