PHM NEWS

गोरखपुर में डुप्लीकेट वोटरों की संख्या 5.26 लाख, बीएलओ ने शुरू किया सत्यापन

प्रकाशित: 09 Nov 2025

गोरखपुर।

निर्वाचन आयोग ने विशेष सॉफ्टवेयर की मदद से प्रदेशभर में पंचायत मतदाता सूची में डुप्लीकेट वोटरों की पहचान की है। गोरखपुर जिले में ऐसे 5.26 लाख संभावित डुप्लीकेट मतदाता चिन्हित किए गए हैं। आयोग ने इनकी सूची जिला प्रशासन को भेज दी है, जिसके आधार पर बीएलओ (बूथ लेवल अधिकारी) ने सत्यापन कार्य प्रारंभ कर दिया है।

अब तक 7,245 मतदाताओं का सत्यापन किया जा चुका है, जबकि शुक्रवार को 1,290 डुप्लीकेट मतदाताओं की जांच की गई।

 

डुप्लीकेट मतदाताओं की पहचान कैसे हुई

सूची में ऐसे मतदाता शामिल हैं जिनका नाम, पिता/पति/माता का नाम और लिंग समान है तथा उनका नाम एक ही या विभिन्न ग्राम पंचायतों में एक से अधिक बार दर्ज पाया गया है। इससे मतदान सूची में गड़बड़ी और पुनरावृत्ति की संभावना सामने आई है।

 बीएलओ कर रहे घर-घर सत्यापन

उप जिला निर्वाचन अधिकारी एवं एडीएम (वित्त एवं राजस्व) विनीत सिंह ने बताया कि संभावित डुप्लीकेट मतदाताओं का भौतिक सत्यापन संबंधित बीएलओ द्वारा किया जा रहा है।

उन्होंने कहा —

“सत्यापन के दौरान जो मतदाता अपने वास्तविक निवास स्थान पर पाए जाते हैं, उनके आधार कार्ड के अंतिम चार अंक बीएलओ द्वारा दर्ज किए जाएंगे। इससे सुनिश्चित होगा कि मतदाता का नाम केवल उसी ग्राम पंचायत में रहे जहाँ वह वास्तव में निवास करता है।”

उन्होंने स्पष्ट किया कि सत्यापन के बाद, जहां मतदाता की उपस्थिति नहीं पाई जाएगी, वहां से नाम विलोपित कर दिया जाएगा ताकि मतदाता सूची शुद्ध और त्रुटिरहित बनाई जा सके।

 

सूची सार्वजनिक रूप से उपलब्ध

एडीएम ने बताया कि संभावित डुप्लीकेट मतदाताओं की सूची सभी विकास खंड, तहसील और जिला स्तर पर उपलब्ध है।

कोई भी व्यक्ति अपने क्षेत्र की सूची देखकर जानकारी प्राप्त कर सकता है।

उन्होंने जनता से अपील की कि सभी संबंधित मतदाता अपने बीएलओ से संपर्क कर अपने आधार कार्ड के अंतिम चार अंक उपलब्ध कराएं ताकि पंचायत निर्वाचक नामावली को पूरी तरह से अद्यतन और सटीक बनाया जा सके।