गोलघर में वाहनों की भरमार से घंटों जाम, करोड़ों की मल्टी-स्टोरी पार्किंग बनी शोपीस
शहर के सबसे व्यस्त इलाके गोलघर में ट्रैफिक जाम की समस्या दिनोंदिन विकराल होती जा रही है। सड़क पर अवैध रूप से खड़ी दोपहिया और चारपहिया गाड़ियों के कारण घंटों लंबा जाम लग जाता है। हालात यह हैं कि पैदल चलना तक मुश्किल हो गया है। विडंबना यह है कि जलकल परिसर में करोड़ों रुपये की लागत से बनी मल्टी-स्टोरी पार्किंग लगभग खाली पड़ी रहती है।
स्थानीय नागरिकों और व्यापारियों ने सवाल उठाया है कि जब पार्किंग की सुविधा मौजूद है, तो लोग सड़क पर ही गाड़ी क्यों खड़ी करते हैं। नागरिकों का कहना है कि “हम सुधरेंगे तभी समाज सुधरेगा” की भावना लोगों में नहीं दिख रही। वाहन चालक खुद नियम तोड़ रहे हैं और फिर ट्रैफिक पुलिस को दोष दे रहे हैं।
सड़क किनारे बनी अवैध पार्किंग, पुलिस विवश
गोलघर क्षेत्र में सुबह से रात तक सड़क किनारे वाहनों की लंबी कतारें लगी रहती हैं। खरीदारी करने आए लोग दुकानों के सामने गाड़ी खड़ी कर चले जाते हैं। ट्रैफिक पुलिस कई बार चेतावनी देती है, लेकिन वाहन उठाने की कार्रवाई के समय राजनीतिक या सामाजिक दबाव डालकर चालक कार्रवाई से बच जाते हैं।
एक दुकानदार के अनुसार, “ट्रैफिक पुलिस हर वाहन का चालान नहीं कर सकती। जैसे ही किसी की गाड़ी उठाई जाती है, तुरंत किसी नेता या अधिकारी को फोन कर दबाव बनाया जाता है।”
मल्टी-स्टोरी पार्किंग बेकार, सड़क ही बनी स्टैंड
जलकल परिसर स्थित मल्टी-स्टोरी पार्किंग का निर्माण इसीलिए हुआ था कि लोग वहां वाहन सुरक्षित खड़ा करें, लेकिन अधिकांश वाहन चालक उसे उपयोग में नहीं लाते। कई लोगों का कहना है कि “पार्किंग में जाने में समय लगता है, इसलिए जल्दी में सड़क पर ही गाड़ी लगा देते हैं।” ट्रैफिक विशेषज्ञों का कहना है कि अगर यह पार्किंग पूरी क्षमता से उपयोग में लाई जाए तो गोलघर क्षेत्र जाममुक्त हो सकता है।
सुधार के सुझाव — जुर्माना ही एकमात्र उपाय
जागरूक नागरिकों ने सुझाव दिया है कि सड़क पर खड़े हर वाहन को तुरंत टोइंग कर यार्ड भेजा जाए, जुर्माना लगाया जाए और बार-बार गलती करने वालों के लाइसेंस निलंबित किए जाएं। साथ ही —
1. नो-पार्किंग जोन की स्पष्ट पहचान,
2. सीसीटीवी चालान व्यवस्था,
3. पार्किंग में पहले घंटे की छूट,
4. नगर निगम व पुलिस का संयुक्त अभियान —
जैसे कदम उठाने की जरूरत है।
प्रशासन की प्रतिक्रिया का इंतजार
व्यापारी संगठनों और नागरिकों ने प्रशासन से अपील की है कि त्योहारी सीजन में ट्रैफिक व्यवस्था के लिए विशेष अभियान चलाया जाए और पुलिस को निष्पक्ष कार्रवाई का अधिकार दिया जाए। नगर निगम व ट्रैफिक पुलिस से औपचारिक प्रतिक्रिया मांगी गई है। उम्मीद है कि संयुक्त कार्ययोजना से गोलघर को जाम मुक्त करने की दिशा में ठोस कदम उठाया जाएगा।