कचहरी बस स्टैंड से महज़ 200 मीटर दूर संचालित हो रहा अवैध टैक्सी स्टैंड, प्रशासन मौन
गोरखपुर शहर में कचहरी रोडवेज बस अड्डे से महज़ 200 मीटर की दूरी पर एक अवैध टैक्सी स्टैंड का संचालन धड़ल्ले से किया जा रहा है, जबकि परिवहन विभाग और प्रशासन आंखें मूंदे हुए है। रैन बसेरे के पास बने इस अवैध स्टैंड पर हर दिन दर्जनों टैक्सियाँ और निजी गाड़ियाँ सवारियाँ उठा रही हैं, जिससे न केवल नियमों की धज्जियाँ उड़ रही हैं, बल्कि उत्तर प्रदेश परिवहन निगम को प्रतिदिन हजारों रुपये का नुकसान भी उठाना पड़ रहा है।
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, गोरखपुर से बलिया के लिए नियमित रूप से सवारी बैठाई जाती है। कई गाड़ियाँ प्राइवेट नंबर की हैं, जो कि नियमों के अनुसार व्यवसायिक सवारी ले जाने के लिए अधिकृत नहीं हैं। आरोप है कि प्रत्येक गाड़ी से एक निश्चित 'स्टैंड शुल्क' वसूला जाता है, जिसकी वसूली की ज़िम्मेदारी कथित रूप से परिवहन माफिया के गुर्गों को दी गई है।
आरटीओ और स्थानीय प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस कार्रवाई न किया जाना, इस बात को बल देता है कि कहीं न कहीं यह अवैध गतिविधि किसी अंदरूनी संरक्षण में फल-फूल रही है।
स्थानीय नागरिकों और यात्रियों का कहना है कि इस अराजक व्यवस्था के चलते उन्हें असुविधा होती है और यह स्थिति शहर की साख को भी नुकसान पहुँचा रही है।
प्रश्न यह है कि, जब यह अवैध टैक्सी स्टैंड शहर के हृदयस्थल पर प्रशासन की नाक के नीचे चल रहा है, तो फिर कार्यवाही क्यों नहीं हो रही? क्या इस अव्यवस्था के पीछे कोई संरक्षक है?