महादेव झारखंडी प्लांट एवं आवास बचाओ संघर्ष समिति ने डीएम को सौंपा ज्ञापन,
महादेव झारखंडी प्लांट एवं आवास बचाओ संघर्ष समिति के तत्वाधान में एक प्रतिनिधि मंडल ने बुधवार को जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा। यह ज्ञापन रामगढ़ ताल के किनारे 50 मीटर के दायरे में सीमांकन कर पिलर लगाने और भूमि को संरक्षित करने के आदेश के विरोध में दिया गया।
प्रतिनिधियों ने मांग की कि गोरखपुर विकास प्राधिकरण (GDA) द्वारा प्रस्तावित सड़क निर्माण कार्य में ग्राम रामगढ़ ताल एवं महादेव झारखंडी टुकड़ा नंबर-1 के काश्तकारों को सर्किल रेट के अनुसार मुआवजा दिया जाए तथा 50 मीटर सीमा निर्धारण और बैरिकेडिंग के आदेश को तत्काल वापस लिया जाए।
समिति के अध्यक्ष बृजपाल सिंह ने कहा कि यह भूमि निजी स्वामित्व की है और बिना अधिग्रहण एवं मुआवजा भुगतान के किसी भी प्रकार का सीमांकन या पिलर निर्माण अनुचित और अवैध है।
पूर्व पार्षद प्रतिनिधि एवं भाजपा नेता राघवेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि दिसंबर 2020 में महामहिम राज्यपाल द्वारा जारी अधिसूचना में यह क्षेत्र वेटलैंड सीमा में शामिल नहीं है। सन् 2009 में जल निगम द्वारा ताल के किनारे बांध और बोल्डर पिचिंग का कार्य पूरा हो चुका है, अतः अब सीमांकन का कोई औचित्य नहीं बनता।
प्रतिनिधियों ने कहा कि प्रभावित क्षेत्र में विधवाएं, सेवानिवृत्त नागरिक और आर्थिक रूप से कमजोर परिवार शामिल हैं, जो इस भूमि पर आजीविका के लिए निर्भर हैं। बिना उचित मुआवजा दिए यह कार्रवाई सामाजिक न्याय की भावना के विपरीत है।
उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि विकास कार्यों के नाम पर पहले भी नागरिकों की भूमि प्रभावित हुई, पर विरासत गलियारा परियोजना, मोहद्दीपुर मार्ग निर्माण, और आरकेबीके से सहारा मार्ग परियोजना के काश्तकारों को अब तक मुआवजा नहीं मिला।
साथ ही समिति ने सवाल उठाया कि जब सरकारी और निजी निर्माण कार्य ताल क्षेत्र में निरंतर चल रहे हैं, तो केवल आम नागरिकों की भूमि को ही वेटलैंड संरक्षण के नाम पर क्यों चिन्हित किया जा रहा है।
समिति ने चेतावनी दी कि जब तक भूमि का विधिवत अधिग्रहण और मुआवजा भुगतान नहीं किया जाता, तब तक वे किसी भी सीमांकन या पिलर निर्माण का कड़ा विरोध करते रहेंगे और जन आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
प्रतिनिधि मंडल में मुख्य रूप से बृजपाल सिंह, राघवेंद्र प्रताप सिंह, अंजलि चंद, विशाल चंद, दुर्गेश दुबे, मैनेजर सिंह, विक्रम सिंह, विनोद यादव, राजेंद्र पाठक, विजय यादव, अरविंद राय और राधेश्याम सिंह समेत कई लोग शामिल रहे।