गोरखनाथ मंदिर में महंत दिग्विजयनाथ व अवेद्यनाथ की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि सभा, CM योगी होंगे शामिल
गोरखपुर, 10 सितंबर। गोरक्षपीठ के युगपुरुष ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ जी महाराज की 56वीं और राष्ट्रसंत ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ जी महाराज की 11वीं पुण्यतिथि पर आयोजित साप्ताहिक श्रद्धांजलि समारोह गुरुवार (11 सितंबर) को संपन्न होगा। आश्विन कृष्ण चतुर्थी के अवसर पर गोरखनाथ मंदिर में भव्य श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया जाएगा, जिसमें उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित अनेक संत-महात्मा और श्रद्धालु उपस्थित रहेंगे।
महंत अवेद्यनाथ जी ने अपने जीवनकाल में समाज और राष्ट्र को नई दिशा देने वाले अनेक कार्य किए। उन्होंने न केवल श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन को निर्णायक मोड़ दिया, बल्कि सामाजिक समरसता की मशाल भी प्रज्वलित की। दलित बस्तियों में सहभोज, काशी में डोमराजा के घर भोजन जैसे प्रयासों के माध्यम से उन्होंने जातिगत भेदभाव को तोड़ने का अभियान चलाया। वे अक्सर कहा करते थे कि प्रभु श्रीराम ने शबरी के जूठे बेर खाए और निषादराज को गले लगाया, क्योंकि उनका ध्येय एक समरस समाज की स्थापना था।
18 मई 1919 को गढ़वाल (उत्तराखंड) में जन्मे महंत अवेद्यनाथ को महंत दिग्विजयनाथ के सानिध्य में दीक्षा प्राप्त हुई। वर्ष 1969 में वे गोरक्षपीठाधीश्वर बने और 2014 तक अध्यात्म, समाज सेवा और राजनीति में सक्रिय रहे। राजनीति में भी उन्होंने महत्वपूर्ण योगदान दिया—वह पांच बार विधायक और चार बार सांसद के रूप में जनता की सेवा करते रहे।
राम मंदिर आंदोलन को गति देने वाले इस राष्ट्रसंत की स्मृति आज भी संत समाज और श्रद्धालुओं के लिए प्रेरणास्रोत बनी हुई है। यह भी संयोग है कि उनके शिष्य योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में अयोध्या में भव्य श्रीराम मंदिर का निर्माण पूर्ण हुआ, जिसे महंत अवेद्यनाथ के जीवन संघर्ष की बड़ी उपलब्धि माना जाता है।