महापौर और नगर आयुक्त ने किया गौवंश उपचार केंद्र का निरीक्षण, सुरक्षा और सुविधा बढ़ाने के दिए निर्देश
गोरखपुर। शहर के निराश्रित, घायल और बीमार गौवंश की बेहतर देखभाल और उपचार सुनिश्चित करने के उद्देश्य से महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव और नगर आयुक्त गौरव सिंह सोगरवाल ने फर्टिलाइज़र कैंपस स्थित गौवंश उपचार केंद्र का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान महापौर और नगर आयुक्त ने अधिशासी अभियंता अमरनाथ और पशु कल्याण अधिकारी डॉ. रॉबिन चंद्रा को कई निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि केंद्र की सुरक्षा बढ़ाने के लिए बाउंड्री वाल को ऊंचा कर वायर्ड फेंसिंग कराई जाए, ताकि केंद्र में रहने वाले गौवंश सुरक्षित रहें। साथ ही परिसर में वॉल फैन लगवाने और अधिक पेड़-पौधे लगवाने की भी आवश्यकता है, जिससे उपचार के दौरान आने वाले पशुओं को आराम और ताजगी मिल सके।
महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव ने कहा, “गौरक्षा हमारी नैतिक जिम्मेदारी है। नगर निगम की प्राथमिकता है कि शहर की सड़कों पर भटक रहे निराश्रित और घायल गौवंश को समय पर उपचार और देखभाल की सुविधा मिल सके। इस केंद्र को हम और बेहतर बनाएंगे, ताकि किसी भी गौवंश को असुविधा न हो और सभी पशु स्वस्थ और सुरक्षित रहें।”
नगर आयुक्त गौरव सिंह सोगरवाल ने कहा, “नगर निगम निराश्रित और घायल गौवंश के संरक्षण व उपचार के लिए लगातार प्रयासरत है। उपचार केंद्र में हर वह सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे यहां लाए गए गौवंश को बेहतर माहौल और देखभाल मिल सके। हमारा प्रयास है कि शहर में गौवंश सुरक्षित और स्वस्थ रहें।”
निरीक्षण के दौरान महापौर और नगर आयुक्त ने केंद्र के कर्मचारियों से भी बातचीत की और उनके अनुभव जानने के साथ केंद्र में आने वाले पशुओं के उपचार की प्रक्रिया को और प्रभावी बनाने के सुझाव दिए। उन्होंने यह सुनिश्चित करने के लिए कहा कि केंद्र में कोई कमी या असुविधा न रहे और सभी निराश्रित गौवंश समय पर उचित देखभाल और चिकित्सीय सुविधा प्राप्त करें।
इसके अलावा, केंद्र में आवश्यक उपकरणों और संसाधनों की उपलब्धता की समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि गौवंश की देखभाल में नवीन तकनीकों और उपकरणों का उपयोग किया जाए और नियमित निरीक्षण किया जाए।
महापौर और नगर आयुक्त ने आश्वासन दिया कि नगर निगम समय-समय पर इस केंद्र का निरीक्षण करता रहेगा और आवश्यक सुधार, सुरक्षा उपाय तथा सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि शहर में गौरक्षा और पशु कल्याण के कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी।