एमजीयूजी में संगोष्ठी : डॉ. जी.एस. तोमर ने बताया ‘पंच परिवर्तन’ से बनेगा विकसित भारत
गोरखपुर, 8 सितंबर।
महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय (एमजीयूजी) के फार्मेसी संकाय में सोमवार को आरोग्य भारती गोरक्ष प्रांत के सहयोग से एक संगोष्ठी का आयोजन हुआ। मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित विश्व आयुर्वेद मिशन के अध्यक्ष एवं आरोग्य भारती के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य डॉ. जी.एस. तोमर ने "विकसित भारत" के लिए पंच परिवर्तनों की आवश्यकता पर विस्तृत व्याख्यान दिया।
डॉ. तोमर ने कहा कि विकसित भारत के निर्माण के लिए पाँच प्रमुख परिवर्तन जरूरी हैं—
1. जाति, वर्ण, क्षेत्र और भाषा की विविधता से ऊपर उठकर सामाजिक समरसता लाना।
2. कुटुंब प्रबोधन के माध्यम से संतति में संस्कारों का विकास।
3. पर्यावरण संरक्षण और वृक्षों को संतान समान मानना।
4. "एक पृथ्वी-एक स्वास्थ्य" की अवधारणा को अपनाकर मानव, पशु-पक्षी और पर्यावरण के स्वास्थ्य पर ध्यान देना।
5. आत्मनिर्भरता और स्वदेशी के प्रयोग से राष्ट्र को मजबूत करना।
उन्होंने कहा कि यदि हम इन पाँच परिवर्तनों को अपनाते हैं तो विकसित भारत का सपना अवश्य साकार होगा।
कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. डी.पी. सिंह (अध्यक्ष, आरोग्य भारती गोरक्ष प्रांत) ने की। उन्होंने सामाजिक समरसता को विकसित भारत की आधारशिला बताया। सह सचिव डॉ. जयंत नाथ ने आरोग्य भारती के प्रकल्पों की जानकारी दी।
इस अवसर पर फार्मेसी कॉलेज के प्राचार्य डॉ. शशिकांत सिंह ने अतिथियों का स्वागत किया। संचालन पीयूष आनंद ने किया और धन्यवाद ज्ञापन जूही तिवारी ने दिया। कार्यक्रम में प्रवीण सिंह, श्रेया मद्धेशिया, पूजा जायसवाल, दिलीप मिश्रा, प्रतीक्षा राय सहित फैकल्टी सदस्य और बी.फार्मा विद्यार्थी उपस्थित रहे।