“मिशन शक्ति 5.0” के अंतर्गत गोरखपुर विश्वविद्यालय में नारी सशक्तिकरण निबंध प्रतियोगिता
गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में “मिशन शक्ति-5.0” के तहत 2047 में महिलाएँ विषय पर निबंध प्रतियोगिता का सफल आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम मनोविज्ञान विभाग में प्रातः 10 बजे से प्रारंभ हुआ, जिसमें लगभग 200 छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मनोविज्ञान विभागाध्यक्ष प्रो. धनंजय कुमार के स्वागत भाषण से हुआ। उन्होंने कहा कि “नारी शक्ति के बिना समाज की कल्पना अधूरी है। महिला सशक्तिकरण केवल सामाजिक न्याय ही नहीं बल्कि समाज की प्रगति का भी आधार है।” उन्होंने छात्रों को ऐसे अवसरों के महत्व को समझाते हुए कहा कि यह उनके दृष्टिकोण को विकसित करने और समाज के प्रति संवेदनशील बनाने में सहायक हैं।
इस अवसर पर प्रो. विनीता पाठक, नोडल अधिकारी मिशन शक्ति विशेष रूप से उपस्थित रहीं। उन्होंने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहा कि “महिला सशक्तिकरण के लिए जागरूकता और शिक्षा सबसे बड़ा हथियार है। युवा पीढ़ी यदि इस दिशा में आगे आएगी, तो समाज में वास्तविक परिवर्तन संभव होगा।”
कार्यक्रम में विश्वविद्यालय परिवार के अनेक शिक्षक उपस्थित रहे, जिनमें प्रो. एस. के. सिंह, डॉ. अमित उपाध्याय, डॉ. गरिमा सिंह, डॉ. फरोज़न अब्बासी, डॉ. विस्मिता पालीवाल, डॉ. प्रियंका गौतम और डॉ. रश्मि रानी प्रमुख थे।
प्रतिभागियों ने अपने निबंधों में समाज में महिलाओं की भूमिका, उनके सामने आने वाली चुनौतियाँ और समाधान के उपायों पर अपने विचार प्रस्तुत किए। निर्णायकों द्वारा सभी निबंधों का मूल्यांकन किया जाएगा और श्रेष्ठ प्रतिभागियों की घोषणा आगामी कार्यक्रम में की जाएगी।
समापन अवसर पर प्रो. अनुभूति दुबे, अधिष्ठाता छात्र कल्याण ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। उन्होंने सभी अतिथियों, प्राध्यापकों और विद्यार्थियों का आभार व्यक्त किया और कहा कि “ऐसे आयोजन विश्वविद्यालय के शैक्षणिक वातावरण को समृद्ध करते हैं और छात्रों में सामाजिक सरोकार के प्रति प्रतिबद्धता उत्पन्न करते हैं।”
“मिशन शक्ति” उत्तर प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी पहल है, जिसका उद्देश्य नारी सुरक्षा, नारी सम्मान और नारी स्वावलंबन सुनिश्चित करना है। विश्वविद्यालय स्तर पर आयोजित यह निबंध प्रतियोगिता इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।