PHM NEWS

विविध कार्यक्रमों के साथ राष्ट्रीय आयुर्वेद सप्ताह का शुभारंभ

प्रकाशित: 18 Sep 2025

गोरखपुर, 17 सितंबर। महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय गोरखपुर (एमजीयूजी) के गुरु गोरक्षनाथ इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (आयुर्वेद कॉलेज) में आयुष मंत्रालय भारत सरकार एवं भारतीय चिकित्सा पद्धति राष्ट्रीय आयोग के निर्देशानुसार ‘आयुर्वेद मानवता और प्रकृति के लिए’ विषय पर 10वें राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस सप्ताह का शुभारंभ धूमधाम से हुआ। कार्यक्रम का उद्घाटन प्राचार्य डॉ. गिरिधर वेदांतम ने किया।

पौधरोपण और स्वास्थ्य शिविर

सप्ताहिक समारोह के पहले दिन विद्यार्थियों और चिकित्सकों ने महाराणा प्रताप पीजी कॉलेज, जंगल धूसड़ में आयुर्वेदिक औषधीय पौधों के महत्व पर चर्चा की और पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। इसी क्रम में चौबेपुर गांव में निशुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में ग्रामीणों को आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति से स्वास्थ्य संवर्धन एवं रोग निवारण संबंधी परामर्श दिया गया।

विद्यार्थियों में बढ़ी रुचि

कार्यक्रम श्रृंखला के तहत विद्यार्थियों में आयुर्वेद के प्रति रुचि जागृत करने हेतु सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता भी कराई गई। इस अवसर पर प्राचार्य डॉ. गिरिधर वेदांतम ने कहा—

“आयुर्वेद केवल चिकित्सा पद्धति नहीं, बल्कि जीवन जीने की पूर्ण कला है। आधुनिक जीवनशैली में इसकी प्रासंगिकता और बढ़ गई है। हमें यह संकल्प लेना चाहिए कि आयुर्वेद की परंपरा को न केवल शैक्षणिक संस्थानों में, बल्कि समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाएं।”

सप्ताहभर चलेंगे कार्यक्रम

कार्यक्रम संयोजक डॉ. शांति भूषण ने बताया कि 17 से 23 सितंबर तक राष्ट्रीय आयुर्वेद सप्ताह के अंतर्गत कई गतिविधियां आयोजित होंगी। इसमें विभिन्न ग्रामों और नगरों में निशुल्क चिकित्सा शिविर, मैराथन दौड़, आयुर्वेद आहार पर आधारित कार्यक्रम और अतिथि व्याख्यान शामिल हैं। इसके अलावा विद्यार्थियों व नागरिकों को जोड़ने के लिए अलग-अलग प्रतियोगिताएं भी होंगी।

सक्रिय सहभागिता

समस्त आयोजन राष्ट्रीय सेवा योजना की अष्टावक्र इकाई, भारद्वाज इकाई एवं आत्रेय इकाई के स्वयंसेवकों, बीएएमएस विद्यार्थियों और चिकित्सकों की सहभागिता से संपन्न हुए। इस अवसर पर उप प्राचार्य डॉ. सुमित, सह संयोजिका डॉ. मिनी, डॉ. देवी, डॉ. अवनीश द्विवेदी, डॉ. त्रिविक्रम मणि त्रिपाठी, कार्यक्रम अधिकारी आचार्य साध्वीनन्दन पाण्डेय, डॉ. श्रीनाथ, डॉ. वैसाख, डॉ. विनम्र, डॉ. सार्वभौम सहित बड़ी संख्या में विद्यार्थी और चिकित्सक मौजूद रहे।