उतरासोत तटबंध पर कटान रोका, सिंचाई विभाग ने बचाई बस्ती
गोरखपुर। राप्ती नदी के जलस्तर में हुई बढ़ोतरी से उतरा सोत तटबंध पर 18 सितंबर को गंभीर कटान शुरू हो गया था। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सिंचाई विभाग ने तत्काल सक्रियता दिखाई और मौके पर टीम भेजकर युद्धस्तर पर बचाव कार्य शुरू कराया। विभाग की तत्परता से संभावित बड़ा हादसा टल गया और ग्रामीणों ने राहत की सांस ली।
जानकारी के अनुसार कटान की सूचना मिलते ही अधिशासी अभियंता, सहायक अभियंता, अवर अभियंता समेत अधिकारियों की टीम तटबंध पर पहुंच गई। सैकड़ों मजदूरों को जुटाकर दिन-रात काम कराया गया। बोरियों में मिट्टी भरकर नदी की ओर से तटबंध पर डाली गई और बंबू कटर तकनीक का प्रयोग कर धारा को मोड़ने की कोशिश की गई।
सहायक अभियंता गुलाब चंद्र वर्मा ने बताया कि उच्च अधिकारियों की निगरानी में रातभर कैंप लगाकर स्थिति पर नजर रखी गई। बचाव कार्य में बाधा न आए, इसके लिए रात में जनरेटर से रोशनी की व्यवस्था भी की गई। विभाग ने हर स्तर पर सतर्कता बरतते हुए तटबंध को सुरक्षित बनाए रखने का प्रयास किया।
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि अगर सिंचाई विभाग समय पर सक्रिय न होता तो तटबंध टूटने से सैकड़ों गांव जलमग्न हो जाते। ग्रामीणों ने बताया कि विभाग के अधिकारियों ने खुद तटबंध पर मौजूद रहकर निगरानी की और मजदूरों की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए। लगातार निगरानी और प्रयास से तटबंध को सुरक्षित किया जा सका।
फिलहाल नदी का जलस्तर घट रहा है, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि जलस्तर घटने पर कटान और तेज हो सकता है। इसे देखते हुए विभाग ने पूरी तैयारी कर रखी है ताकि दोबारा खतरा बढ़ने की स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके।
इस समय ग्रामीणों में संतोष है कि तटबंध सुरक्षित है और बाढ़ का खतरा टल गया है, लेकिन लोगों की नजरें अब भी नदी के जलस्तर पर टिकी हुई हैं।