गोरखपुर में 17 से आयोजित होगी वसुधैव कुटुंबकम् अंतर्राष्ट्रीय मैत्री कला कार्यशाला एवं संगोष्ठी
गोरखपुर। लोक कला, ललित कला, मंचीय कला एवं संस्कृति को समर्पित संस्था न्यास ललिता, गोरखपुर एवं राज्य ललित कला अकादमी, उत्तर प्रदेश के संयुक्त तत्वावधान में वसुधैव कुटुंबकम् नामक एक अंतर्राष्ट्रीय मैत्री कला कार्यशाला एवं संगोष्ठी का आयोजन 17 से 20 सितंबर 2025 तक स्थानीय रैंपस स्कूल, राप्तीनगर, गोरखपुर में किया जाएगा।
इस अंतर्राष्ट्रीय आयोजन में भारत सहित श्रीलंका, मॉरीशस, नेपाल, बांग्लादेश और सऊदी अरब के लगभग 50 वरिष्ठ एवं नवोदित कलाकार भाग लेंगे। कार्यशाला का उद्घाटन 17 सितंबर को अपराह्न 3 बजे होगा।
उद्घाटनकर्ता
प्रो. पूनम टंडन, कुलपति, दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय
रमेश जी, प्रांत प्रचारक, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ
जगदीश गुप्त, वरिष्ठ स्वयंसेवक
डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, महापौर गोरखपुर
डॉ. सुनील कुमार विश्वकर्मा, अध्यक्ष, राज्य ललित कला अकादमी व प्रख्यात चित्रकार
गिरीश चंद्र मिश्र, उपाध्यक्ष, राज्य ललित कला अकादमी
प्रो. रामदेव शुक्ल, प्रख्यात हिंदी साहित्यकार
यह जानकारी सोमवार को आयोजित पोस्ट लॉन्चिंग व प्रेस वार्ता में संस्था अध्यक्ष एवं दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के पूर्व संगीत व ललित कला विभागाध्यक्ष डॉ. भारत भूषण और महामंत्री एवं आर्य कन्या इंटर कॉलेज की प्रधानाचार्या डॉ. सुदीप्ता बी. भूषण ने दी।
संगोष्ठी का उद्देश्य
वसुधैव कुटुंबकम् विषय पर केंद्रित चित्रकला रचना और संगोष्ठी में यह विमर्श किया जाएगा कि पूरी दुनिया में पारिवारिक व कौटुंबिक वातावरण कैसे विकसित हो। कलाकार अपनी चित्रभाषा के माध्यम से इस सनातन विचारधारा को विविध कृतियों में प्रस्तुत करेंगे।
इस कार्यशाला में हिमाचल, गुजरात, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार, लद्दाख, अरुणाचल प्रदेश, महाराष्ट्र, चंडीगढ़, राजस्थान, झारखंड समेत पूर्वांचल के चित्रकार भी भाग लेंगे।
समापन समारोह 20 सितंबर 2025 को शाम 5 बजे आयोजित होगा।