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‘विकसित यूपी विजन-2047’ पर कार्यशाला का शुभारंभ करेंगे मुख्यमंत्री योगी

प्रकाशित: 21 Sep 2025

गोरखपुर, 20 सितंबर।

गोरखपुर में रविवार को ‘विकसित भारत – विकसित उत्तर प्रदेश 2047’ विषय पर एक महत्त्वपूर्ण कार्यशाला आयोजित की जाएगी। इस कार्यशाला का शुभारंभ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करेंगे। कार्यक्रम का आयोजन महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के तत्वावधान में महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय (एमजीयूजी) के ऑडिटोरियम में किया जा रहा है।

विशेषज्ञ देंगे मार्गदर्शन

इस कार्यशाला के अकादमिक और व्यावहारिक सत्र में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आर्थिक सलाहकार डॉ. केवी राजू विषय विशेषज्ञ के रूप में शामिल होंगे। वे उत्तर प्रदेश को 2047 तक विकसित प्रदेश बनाने के लिए आवश्यक रणनीतियों और कार्ययोजनाओं पर अपना दृष्टिकोण प्रस्तुत करेंगे।

एमजीयूजी प्रशासन की पहल

महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. प्रदीप कुमार राव ने जानकारी दी कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में प्रदेश को विकसित राज्य बनाने के लिए महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद ने विशेष पहल की है। इसी क्रम में रविवार को यह कार्यशाला आयोजित हो रही है।

उन्होंने बताया कि उद्घाटन सत्र के बाद करीब डेढ़ घंटे का विशेष अकादमिक सत्र होगा। इसमें महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद से जुड़ी संस्थाओं के संस्थाध्यक्ष, शिक्षक, चयनित विद्यार्थी, प्रबुद्धजन, चिकित्सक, अधिवक्ता, उद्योगपति, इंजीनियर, आर्किटेक्ट सहित समाज के विभिन्न वर्गों के लोग भाग लेंगे।

2047 तक का रोडमैप

कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य प्रदेश में विकास के नए आयाम तय करना और विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े विशेषज्ञों की राय के आधार पर भविष्य की कार्ययोजना बनाना है। डॉ. राव ने कहा कि कार्यशाला के बाद महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद की अन्य संस्थाओं में भी इसी विषय पर विशेष सत्र आयोजित होंगे, ताकि ‘विकसित उत्तर प्रदेश 2047’ के लक्ष्य पर व्यापक मंथन हो सके।

साइड स्टोरी : प्रबुद्ध सम्मेलन में भी शामिल होंगे मुख्यमंत्री

रविवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गोरखपुर में एक और कार्यक्रम में शामिल होंगे। वे योगिराज बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह में भाजपा महानगर इकाई द्वारा आयोजित प्रबुद्ध सम्मेलन में बतौर मुख्य अतिथि मौजूद रहेंगे।

यह सम्मेलन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के उपलक्ष्य में चल रहे सेवा पखवाड़ा के अंतर्गत आयोजित किया जा रहा है। इसमें विभिन्न वर्गों के बुद्धिजीवी और प्रबुद्ध नागरिक शामिल होंगे।