हाईकोर्ट ने हमीरपुर युवक के बहिष्करण आदेश पर रोक
हमीरपुर।इलाहाबाद हाई कोर्ट ऑफ जूडिकेचर एट इलाहाबाद ने हमीरपुर के रवीन्द्र कुमार भारतवंशी द्वारा दाखिल की गई रिट याचिका पर महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए जिलाधिकारी हमीरपुर द्वारा जारी बहिष्करण (Externment) आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी है। साथ ही कोर्ट ने मंडलायुक्त चित्रकूट धाम को याचिकाकर्ता की स्थगन प्रार्थना–पत्र (stay application) पर दोबारा, विधि अनुसार निर्णय लेने का निर्देश दिया है। मामला क्रिमिनल मिस. रिट याचिका संख्या 23710/2025 से जुड़ा है, जिसमें याचिकाकर्ता रवीन्द्र कुमार भारतवंशी—एक कानून के छात्र—ने आरोप लगाया था कि उन्होंने भ्रष्टाचार के विरुद्ध जनहित याचिका दायर की थी, जिसके बाद प्रशासन ने प्रतिशोधवश उनके खिलाफ दो मुकदमे दर्ज किए और चार बीट रिपोर्ट तैयार कीं। सभी मामले थाना सुमेरपुर, जिला हमीरपुर के अंतर्गत दर्ज हुए थे। याचिकाकर्ता ने डीएम हमीरपुर द्वारा 23 सितंबर 2025 को पारित बहिष्करण आदेश (केस संख्या 487/2025) और उसके विरुद्ध दाखिल अपील में मंडलायुक्त द्वारा 04 अक्टूबर 2025 को अंतरिम राहत से इनकार करने के आदेश को चुनौती दी थी। हाईकोर्ट ने पाया कि मंडलायुक्त ने अंतरिम राहत देने से इनकार करते समय याचिकाकर्ता द्वारा उठाए गए मुख्य बिंदुओं—जैसे सामाजिक कार्य, भ्रष्टाचार के विरुद्ध जनहित याचिका तथा कथित मुकदमों की प्रतिशोधात्मक प्रकृति—पर विचार नहीं किया। न्यायमूर्ति अवनीश सक्सेना की एकल पीठ ने मंडलायुक्त द्वारा 04.10.2025 को पारित आदेश को रद्द करते हुए निर्देश दिया कि वह याचिकाकर्ता की स्टे-एप्लिकेशन पर पुनः निर्णय लें। साथ ही कोर्ट ने स्पष्ट किया कि— “स्टे एप्लिकेशन के निस्तारण तक जिलाधिकारी हमीरपुर द्वारा 23.09.2025 को पारित बहिष्करण आदेश प्रभावी नहीं किया जाएगा।” कोर्ट ने याचिका का निस्तारण करते हुए यह भी कहा कि याचिकाकर्ता की अंतरिम राहत याचिका पर अब मंडलायुक्त त्वरित रूप से उचित आदेश पारित करें।