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झालावाड़ में संत रामपाल जी महाराज का सत्संग:

प्रकाशित: 29 Mar 2026

संन्त रामपाल जी के सत्संग में उमड़ा जनसैलाब, भीषण गर्मी में भी डटे रहे श्रद्धालु

जिले की मनोहरथाना और पिड़ावा तहसील में रविवार को संत रामपाल जी महाराज के सान्निध्य में विशाल सत्संग का आयोजन हुआ। मनोहरथाना के माधोपुरिया और पिड़ावा के रायपुर गांव में आयोजित इस कार्यक्रम में हजारों श्रद्धालु शामिल हुए। भीषण गर्मी और कड़ी धूप के बावजूद लोगों का उत्साह देखने लायक रहा। लग दिखा माहौल, भक्ति में डूबे श्रद्धालु
जहां आमतौर पर रविवार को लोग अवकाश का आनंद लेते हैं, वहीं इन दोनों गांवों में सुबह से ही धार्मिक माहौल बना रहा। बड़ी संख्या में लोग परिवार सहित सत्संग में पहुंचे और भक्ति में लीन नजर आए।


“बिस्कुट राम” से “जल राम” तक, हर चीज में भक्ति


सत्संग की खास बात यह रही कि यहां भोजन और पेय पदार्थों को भी भगवान से जोड़कर परोसा गया। श्रद्धालुओं को “जल राम”, “चाय राम” और “बिस्कुट राम” के रूप में प्रसाद दिया गया, जो लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र रहा।
अनुशासन और सेवा भाव की मिसाल कार्यक्रम स्थल पर व्यवस्थाएं सुव्यवस्थित रहीं। जूता घर में जूतों को बैग में सुरक्षित रखने की व्यवस्था की गई। सेवकों का व्यवहार विनम्र और सेवा भाव से परिपूर्ण रहा। गर्मी के बीच ठंडा पानी, चाय और नाश्ते की लगातार व्यवस्था की गई।
LED स्क्रीन पर हुए प्रवचन सत्संग में LED स्क्रीन के माध्यम से संत रामपाल जी महाराज के प्रवचन सुनाए गए। उन्होंने शास्त्रों के आधार पर मोक्ष मार्ग की जानकारी दी। इस दौरान उनका एक वाक्य खास चर्चा में रहा— “मनुष्य जन्म दुर्लभ है, यह बार-बार नहीं मिलता, जैसे वृक्ष से टूटा पत्ता फिर नहीं जुड़ता।”


नशामुक्त और भेदभाव रहित समाज का संदेश


कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे, लेकिन कहीं भी नशे का माहौल नहीं दिखा। सत्संग में समानता, भाईचारे और सामाजिक सद्भाव का संदेश दिया गया। निशुल्क नाम दीक्षा का आयोजन सत्संग के दौरान श्रद्धालुओं को निशुल्क नाम दीक्षा भी दी गई। आयोजकों के अनुसार, इससे लोगों को आध्यात्मिक जीवन अपनाने और सामाजिक बुराइयों से दूर रहने की प्रेरणा मिलती है। समाज सुधार के प्रयास आयोजकों ने बताया कि संस्था द्वारा देशभर में नियमित सत्संग, भंडारे, रक्तदान शिविर, दहेज मुक्त विवाह और अन्य सामाजिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इन आयोजनों का उद्देश्य लोगों को नशामुक्त और कुरीतियों से दूर समाज की ओर प्रेरित करना है।