सोयाबीन खरीद संकट:
सोयाबीन के छोटे दानों के कारण MSP पर खरीद अटकी, किसानों ने SDM को सौंपा ज्ञापन
पीलिया रोग (येलो मोज़ेक वायरस) और खराब मौसम की मार झेल चुके सोयाबीन किसानों के सामने अब अपनी उपज बेचने का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। छोटे दानों का हवाला देकर सरकारी खरीद केंद्रों पर समर्थन मूल्य (MSP) पर सोयाबीन की खरीद नहीं की जा रही है, जिससे किसानों में भारी रोष व्याप्त है।
इस समस्या को लेकर भारतीय किसान संघ गंगधार तहसील इकाई के पदाधिकारियों ने राजस्थान सरकार के कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा के नाम गंगधार उपखंड अधिकारी को ज्ञापन सौंपा।
भारतीय किसान संघ के अध्यक्ष ईश्वर जैन ने बताया कि इस वर्ष पीलिया रोग के व्यापक प्रकोप के कारण सोयाबीन की फसल बुरी तरह प्रभावित हुई है। इसके चलते लगभग 20 से 25 प्रतिशत दाने सामान्य आकार से छोटे रह गए हैं। सरकारी खरीद नहीं होने के कारण किसानों को मजबूरन अपनी उपज कम दामों पर बेचनी पड़ रही है, जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
ज्ञापन में मांग की गई है कि किसानों की परिस्थितियों को देखते हुए खरीद नियमों में आवश्यक छूट दी जाए अथवा कोई वैकल्पिक व्यवस्था कर समर्थन मूल्य पर सोयाबीन की खरीद सुनिश्चित की जाए, ताकि किसानों को राहत मिल सके।