बिजुआ में आवारा पशुओं से फसल बचाने की जद्दोजहद,
लखीमपुर खीरी।
बिजुआ ब्लॉक के किसान इन दिनों आवारा पशुओं से परेशान हैं। खेतों में बोई गई धान और गन्ने की फसलें आए दिन गायों और सांड़ों के झुंड की चपेट में आ रही हैं। अपनी मेहनत की फसल को बचाने के लिए किसानों को खेतों में झोपड़ी और मचान बनाकर रहना पड़ रहा है।
गांव बोझवा के किसान जसवंत सिंह, पप्पू कश्यप, हीरालाल, अशोक मौर्य और दिलीप सिंह का कहना है कि रात में टॉर्च और लाठी लेकर पहरा देने के बावजूद पशु खेतों में घुस जाते हैं और फसल को नुकसान पहुंचाते हैं। किसानों ने प्रशासन से कई बार शिकायत की लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
मलूकापुर गांव के किसान नन्हे ने बताया कि उन्होंने पांच बीघा जमीन बटाई पर लेकर धान की खेती की है। फसल की सुरक्षा के लिए उन्होंने खेत में झोपड़ी बनाई है और परिवार के लोग बारी-बारी से रात में पहरा देते हैं। थोड़ी सी चूक होने पर पूरा खेत बर्बाद हो जाता है।
किसानों का कहना है कि आवारा पशु समस्या अब विकराल रूप ले चुकी है। गन्ने और धान जैसी लंबी अवधि वाली फसलें सबसे ज्यादा प्रभावित हो रही हैं। बावजूद इसके जनप्रतिनिधि और अधिकारी इस समस्या को लेकर उदासीन बने हुए हैं।
किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही आवारा पशुओं को पकड़ने के लिए अभियान नहीं चलाया गया, तो वे आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।