Lakhimpur Kheri News : खंजनपुर वारदात पर उठे सवाल
लखीमपुर खीरी | थाना मैलानी क्षेत्र के ग्राम खंजनपुर में 28 अक्टूबर 2025 को हुई जघन्य वारदात ने स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। गाँव के इकलौते मुस्लिम परिवार पर कुछ दबंगों ने घर में घुसकर हमला किया, जिसमें शहाना परवीन और उनके वृद्ध माता-पिता गंभीर रूप से घायल हो गए।
पीड़िता शहाना परवीन ने बताया कि पुलिस ने इस घटना में दोनों पक्षों की ओर से मुकदमा दर्ज कर पाँच व्यक्तियों को जेल भेजा है, जिसमें उनके निर्दोष भाई शादाब पुत्र नाजिम खाँ को भी झूठा फँसा दिया गया। पीड़िता का कहना है कि हमला होने के समय उसका भाई गाँव में मौजूद ही नहीं था।
दीवान की भूमिका पर उठे सवाल
घटना से दो दिन पहले यानी 26 अक्टूबर 2025 को पीड़िता ने कुकरा पुलिस चौकी के दीवान कुलदीप कुमार चौधरी को एक लिखित तहरीर दी थी। अगर उस तहरीर पर समय रहते कार्रवाई होती तो 28 अक्टूबर की यह वारदात टल सकती थी।
पीड़िता ने बताया कि उसने अपनी तहरीर में एक महिला सहित आठ लोगों के नाम दिए थे, लेकिन दर्ज एफआईआर में केवल चार लोगों के नाम ही शामिल किए गए। हैरानी की बात यह है कि घटना के कई दिन बाद भी पीड़िता को एफआईआर की कॉपी तक उपलब्ध नहीं कराई गई है।
थानाध्यक्ष का बयान
थानाध्यक्ष मैलानी ब्रजेश कुमार मौर्य ने बताया कि महिला द्वारा दी गई तहरीर के आधार पर मुकदमा पंजीकृत किया गया है। उन्होंने कहा कि,
“यदि किसी आरोपी का नाम छूट गया है तो पीड़िता से दूसरी तहरीर लेकर उन नामों को विवेचना में शामिल किया जाएगा।”
जनाक्रोश और प्रशासन से अपेक्षा
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि पुलिस समय रहते गंभीरता दिखाती तो इस घटना को टाला जा सकता था। गाँव में अब भी दहशत का माहौल बना हुआ है। ग्रामीणों ने मांग की है कि एसपी लखीमपुर खीरी स्वयं मामले का संज्ञान लें और चौकी स्तर पर हुई लापरवाही की निष्पक्ष जांच कराएं, ताकि पीड़िता को न्याय मिल सके और भविष्य में ऐसी घटनाएं न दोहराई जाएं।