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कृषि विज्ञान केंद्र में मशरूम उत्पादन प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रारंभ

प्रकाशित: 19 Sep 2025

लखीमपुर खीरी।
चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय कानपुर के जमुनाबाद कैंपस स्थित कृषि विज्ञान केंद्र में मशरूम उत्पादन पर प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। प्रशिक्षण संयोजक डॉ. मोहम्मद सुहैल के निर्देशन में यह कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें जनपद के डेढ़ दर्जन से अधिक युवक-युवतियां भाग ले रही हैं।

कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए डॉ. सुहैल ने बताया कि मशरूम का सेवन स्वास्थ्य के लिए अत्यंत लाभकारी है। इसमें प्रोटीन, विटामिन, मिनरल्स, फैट और फाइबर प्रचुर मात्रा में होते हैं, जो पाचन शक्ति को मजबूत बनाते हैं। उन्होंने विशेष रूप से ओएस्टर और बटन मशरूम की खेती के बारे में विस्तार से जानकारी दी और कहा कि यदि इसे व्यावसायिक दृष्टिकोण से किया जाए तो यह लाभकारी ग्रामीण व्यवसाय के रूप में स्थापित हो सकता है।

कृषि प्रसार वैज्ञानिक डॉ. जियालाल गुप्ता ने उद्यमिता और मार्केटिंग की रणनीतियों पर चर्चा करते हुए कहा कि मशरूम उत्पादन से रोजगार और आमदनी की अपार संभावनाएं हैं। इसके सेवन से डायबिटीज और कोलेस्ट्रॉल जैसी समस्याओं पर नियंत्रण पाया जा सकता है।

पशुपालन वैज्ञानिक डॉ. एन.के. त्रिपाठी ने जानकारी दी कि मशरूम उत्पादन के बाद बचा हुआ कंपोस्ट उत्कृष्ट जैविक खाद के रूप में खेत की उर्वरता बढ़ाने में सहायक है। साथ ही उन्होंने प्रतिभागियों को मशरूम उत्पादन के साथ पशुपालन और दुग्ध व्यवसाय जोड़कर आय के और भी स्रोत विकसित करने की सलाह दी।

यह प्रशिक्षण न केवल युवाओं को स्वास्थ्य और पोषण के महत्व से जोड़ रहा है, बल्कि उन्हें ग्रामीण उद्यमिता और आत्मनिर्भरता की दिशा में भी प्रेरित कर रहा है।