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सैधरी हत्याकांड: : हिन्दू संगठनों का अल्टीमेटम, प्रशासन को 15 दिन की मोहलत।

लखीमपुर खीरी | 13-Aug-2025 02:01 AM | 140 |
लखीमपुर खीरी
हिन्दू संगठनों का अल्टीमेटम, प्रशासन को 15 दिन की मोहलत।

लखीमपुर खीरी, संवाददाता – मंशाराम चौहान

लखीमपुर खीरी के थाना सदर कोतवाली क्षेत्र के ग्राम पंचायत सैधरी में 2 अगस्त को हुए चर्चित हत्याकांड के बाद से क्षेत्र में तनाव का माहौल कायम है। मामला दो समुदायों से जुड़ा होने के कारण शुरुआत से ही संवेदनशील रहा। प्रशासन ने तत्काल सतर्कता बरतते हुए पुलिस बल तैनात किया, जिससे किसी भी अप्रिय घटना को टाला जा सके।

कुछ दिनों बाद हिन्दू संगठनों ने पीड़ित पक्ष के समर्थन में मोर्चा खोल दिया। उनकी मुख्य मांग पीडब्ल्यूडी की जमीन पर बनी कथित अवैध बस्ती को हटाने की है, जिसे वे कानून-व्यवस्था के लिए बताया जा रहा हैं खतरा।

सोमवार को पीड़ित परिवार और हिन्दू संगठनों की महिलाओ पुलिस प्रशासन के अधिकारियों से हुई कहासुनी और हल्की झड़प की स्थिति भी बनी।
महिलाओं का आरोप था कि घटना के कई दिन बीतने के बाद भी दोषियों पर ठोस कार्रवाई और अवैध बस्ती पर कोई कदम नहीं उठाया गया।

मौके पर पहुंचे एसडीएम अश्वनी कुमार सिंह ने प्रतिनिधियों से संवाद किया और 15 दिन का समय मांगा। उन्होंने कहा कि प्रशासन मामले की गंभीर जांच कर आगे की रणनीति तय करेगा।

संगठनों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि समय सीमा में कार्रवाई नहीं हुई, तो वे स्वयं मोहब्बत नगर—जहां यह बस्ती स्थित है—को ‘खंडहर’ में बदल देंगे।

पुलिस छावनी में मोहब्बत नगर
तनाव को देखते हुए प्रशासन ने मोहब्बत नगर को अस्थायी पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया है। एसपी पूर्वी गौतम, सीओ सिटी विवेक तिवारी और सदर कोतवाल हेमंत राय सुरक्षा की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। प्रशासन ने साफ किया कि कानून हाथ में लेने वालों पर कार्रवाई होगी।


2 अगस्त को सैधरी में दो समुदायों के बीच विवाद के बाद हत्या हुई। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू हत्यारों को तो जेल भेज दिया लेकिन अवैध निर्माणों पर कार्रवाई न होने से पीड़ित पक्ष नाराज है।


विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल,भारतीय हिंदू परिषद ,राष्ट्रीय हिन्दू शेर सेना , हिन्दू समाज पार्टी समेत अन्य संगठन खुलकर पीड़ित परिवार के साथ हैं और कार्रवाई होने तक आंदोलन जारी रखने का ऐलान कर चुके हैं।

प्रशासन के पास 15 दिन का समय है। अगर तय समय में बुलडोजर चला तो मामला सुलझ सकता है, वरना सड़कों पर फिर से उग्र प्रदर्शन देखने को मिल सकता है।


सैधरी हत्याकांड अब केवल आपराधिक घटना नहीं, बल्कि सामाजिक और सामुदायिक तनाव का केंद्र बन चुका है। प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती कानून-व्यवस्था बनाए रखते हुए पीड़ित को न्याय दिलाने की है। आने वाले 15 दिन इस प्रकरण की दिशा तय करेंगे।

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