यूपी प्रेस क्लब लखनऊ में पत्रकार सुरक्षा परिषद और वेब पोर्टल की मान्यता हेतु बहुआयामी संस्था संगोष्ठी।
लखीमपुर खीरी।
जब पत्रकारिता की रोड खामोश होती है तो संसद आवारा हो जाती है। बहुआयामी संस्था परिवार के अध्यक्ष डॉ० के० एम० आमिश जी का कहना है कि देश के लोकतंत्र के चौथे स्तंभ को बचाने की जिम्मेदारी हम सभी पत्रकार संगठनों, संचालकों और पत्रकार भाइयों के कंधे पर है।रिपोर्ट में बताया गया कि आज के दौर में जिस तरह से राजनेताओं के माध्यम से लोकतंत्र और पत्रकारिता को टारगेट किया जा रहा है, उस पर अंकुश लगाना और सवाल करना अत्यंत आवश्यक है। पत्रकारों की आधारभूत आवश्यकताओं और मांगों को ध्यान में रखते हुए, आज दिनांक 9 नवंबर, राष्ट्रीय विधिक सेवा दिवस के शुभ अवसर पर बहुआयामी संस्था ने यूपी प्रेस क्लब लखनऊ में एक विशाल पत्रकार सम्मान समारोह एवं संगोष्ठी आयोजित की।इस कार्यक्रम में नियोधि फाउंडेशन के संस्थापक योगेश कुमार ने मुख्य वक्ता के तौर पर डिजिटल युग में पत्रकारिता की बदलती जिम्मेदारियों पर प्रकाश डाला और सरल व सुविधाजनक पत्रकारिता को बढ़ावा देने के लिए सरकार को कम शुल्क पर पत्रकारिता कोर्स करवाने का सुझाव दिया।
संस्था के सलाहकार मुबीन गाजी ने पत्रकारिता के चौथे स्तंभ को न्यायिक संवैधानिक मान्यता दिलाने के लिए जारी लड़ाई का जिक्र किया। राष्ट्रीय प्रभारी धर्मेंद्र कुमार कसौधन ने पत्रकार संगठन संचालकों को स्मृति चिन्ह प्रदान किए, जबकि राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी विश्वनाथ प्रताप सिंह ने पत्रकारों को आईडी कार्ड देकर सम्मानित किया।राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सैयद अजीम अहमद ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले पत्रकारों को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया। संस्था के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. के. एम. आमिश ने पत्रकार सुरक्षा परिषद और वेब पोर्टल की पंजीकृत मान्यता के लिए 12 सूत्री मांगों के साथ एक मंच पर आकर ज्ञापन प्रेषित करने और विशाल धरना प्रदर्शन कर सरकार को लोकतांत्रिक जिम्मेदारी याद दिलाने की अपील की।संगोष्ठी में यूपी प्रेस क्लब सदस्य एस. के. संगठन के संस्थापक अमीन खान, आरटीआई विशेषज्ञ तनवीर अहमद, हाईकोर्ट अधिवक्ता जुनैद अहमद समेत अन्य महत्वपूर्ण साथियों ने भी अपने विचार व्यक्त किए।