कटरा 131 विधानसभा का मुसेला गांव विकास से कोसों दूर — टूटी सड़कें
शाहजहांपुर/मदनापुर।
एक ओर सरकार ग्रामीण विकास के बड़े-बड़े दावे करती है, वहीं दूसरी ओर 131 कटरा विधानसभा क्षेत्र का मुसेला गांव आज भी मूलभूत सुविधाओं से वंचित है। हालात इतने खराब हैं कि विधायक तक खराब सड़क से चुपचाप गुजर तो जाते हैं, पर सुधार के लिए कोई कदम नहीं उठता।
ग्राम पंचायत मुसेला बिरिया कला, ब्लॉक मदनापुर और तहसील जलालाबाद का यह क्षेत्र विकास के नाम पर आए करोड़ों के बजट और सरकारी वादों के बावजूद बदहाली झेल रहा है। गांव में प्रवेश करते ही टूटी सड़कें, कीचड़ और गंदगी का अंबार स्वागत करता है। मुख्य मार्ग से लेकर अंदरूनी गलियों तक कीचड़ और जलभराव ने लोगों का जीवन मुश्किल कर दिया है।यहां की नालियां वर्षों से जाम पड़ी हुई हैं। सफाई न होने से घरों का गंदा पानी बाहर नहीं निकलता और गलियों में ही फैलता रहता है। नालियों का पानी सड़कर काला हो चुका है। बदबू से लोगों का रहना दूभर हो गया है और संक्रामक बीमारियों का खतरा लगातार बढ़ रहा है।
ग्रामीण मुरली प्रजापति बताते हैं कि गंदगी और जलभराव की शिकायत कई बार स्थानीय जिम्मेदारों से की गई, लेकिन कार्रवाई के नाम पर आज तक कुछ नहीं हुआ। गांव में कहीं-कहीं कचरे के ढेर इतने बड़े हो चुके हैं कि लोगों को उन्हीं के बीच से होकर गुजरना पड़ता है।बरसात के दिनों में यह समस्या और भयानक रूप ले लेती है। नालियों में भरा कचरा पानी की निकासी रोक देता है और गंदा पानी सीधे सड़कों पर बहने लगता है। मच्छरों का प्रकोप बढ़ता है और बीमारियों का खतरा दोगुना हो जाता है।
ग्रामीणों का आरोप है कि शासन से विकास के लिए भेजी जाने वाली राशि का सही उपयोग नहीं किया जाता, बल्कि कागजों पर खानापूर्ति कर ली जाती है।
मुसेला गांव की बदहाली साफ बताती है कि जब तक जनप्रतिनिधि और प्रशासन गंभीरता नहीं दिखाएंगे, तब तक ग्रामीण विकास केवल फाइलों और भाषणों तक ही सीमित रहेगा।