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2011 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों पर टीईटी अनिवार्यता का विरोध,

प्रकाशित: 27 Sep 2025

शाहजहांपुर। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ ने 2011 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों पर टीईटी की अनिवार्यता थोपे जाने का विरोध किया है। इसी को लेकर संघ ने प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन शुक्रवार को स्थानीय सांसद अरुण सागर को सौंपा।

जिला अध्यक्ष मुनीश मिश्र के नेतृत्व में दर्जनों शिक्षक सांसद के साउथ सिटी स्थित आवास पर पहुंचे। शिक्षकों ने कहा कि “निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009” की धारा 23 के तहत न्यूनतम शैक्षिक व प्रशिक्षण अर्हताएं केवल अधिनियम लागू होने के बाद नियुक्त शिक्षकों पर ही लागू होती हैं। भारत सरकार के राजपत्र संख्या 215 दिनांक 25 अगस्त 2010 तथा 2017 के संशोधन के अनुसार यह प्रावधान केवल 25 अगस्त 2010 के बाद भारत सरकार अथवा 29 जुलाई 2011 के बाद उत्तर प्रदेश में नियुक्त शिक्षकों पर लागू होते हैं। संघ ने कहा कि इस प्रकार 2011 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों पर टीईटी की कोई अनिवार्यता नहीं है। लेकिन सुप्रीम कोर्ट के हालिया निर्णय (01 सितंबर 2025) के बाद मीडिया व सोशल मीडिया पर भ्रामक खबरों से शिक्षकों में गहरी चिंता व आक्रोश है। संघ ने मांग की कि सांसद इस मुद्दे को प्रधानमंत्री और संसद में उठाएं तथा 29 जुलाई 2011 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को सेवा व पदोन्नति हेतु टीईटी से मुक्त करने का स्पष्ट आदेश भारत सरकार से जारी कराएं। सांसद अरुण सागर ने शिक्षकों को आश्वस्त किया कि वे इस मुद्दे को गंभीरता से संसद व प्रधानमंत्री के समक्ष रखेंगे और हर संभव प्रयास करेंगे कि जनपद के शिक्षकों को राहत मिले।प्रतिनिधिमंडल में प्रांतीय संगठन मंत्री अर्चना तिवारी, जिला मंत्री देवेश बाजपेई, वरिष्ठ उपाध्यक्ष यशपाल सिंह, जिला कोषाध्यक्ष रविन्द्र पाल प्रजापति, मीडिया प्रभारी राजकुमार तिवारी, डॉ. विनय गुप्ता, अश्विनी अवस्थी, आनंद गंगवार, संजय मिश्रा, अवनीश यादव, अभिनय मिश्रा, नफीस खां, विशिष्ट बीटीसी शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष राजकमल आर्य, विकास मिश्रा, अशोक कुमार, अरविंद त्रिपाठी, वारिस अली, अवनीश सक्सेना, राजेश कुमार, गयाप्रसाद, राजीव कुमार, सुषमा गुप्ता, ममता शर्मा, मधुरिमा तिवारी, अभिजीत वर्मा, हरीश कुमार सिंह, आदर्श श्रीवास्तव, संदीप कुमार, संजय कुमार, देवेन्द्र सिंह, मुकुल अग्रवाल, सतेन्द्र सिंह, दाताराम, रुपेश द्विवेदी, शिवशरण शुक्ला, उमेश चन्द्र सक्सेना, विजयकांत शर्मा, अंशिका त्रिपाठी, शालिनी शर्मा, शिवानी शर्मा, संगीता, श्रुति शर्मा, प्रियंका आदि शिक्षक मौजूद रहे।