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नरवाई जलाना पूर्णतः प्रतिबंधित

प्रकाशित: 16 Sep 2025

नरवाई जलाना पूर्णतः प्रतिबंधित, उल्लंघन पर होगी सख्त कार्रवाई– कलेक्टर

शिवपुरी, 15 सितम्बर 2025/ शिवपुरी जिले में कुछ कृषकों द्वारा खरीफ 2025 में मक्का एवं धान की फसल कटाई के बाद अगली फसल की तैयारी हेतु खेतों में नरवाई (फसल अवशेष) जलाने की घटनाएँ सामने आ रही हैं। इस प्रकार की गतिविधि से आगजनी की दुर्घटनाओं से जन-धन की हानि होती है, वातावरण का तापमान बढ़ता है, पर्यावरण प्रदूषित होता है तथा भूमि की उर्वरा शक्ति और लाभदायक सूक्ष्म जीव नष्ट हो जाते हैं। साथ ही खेत की जल धारण क्षमता भी प्रभावित होती है। कलेक्टर रवीन्द्र कुमार चौधरी द्वारा नरवाई जलाना जिले में प्रतिबंधित किया गया है। निर्देश दिए गए हैं कि यदि कोई कृषक अथवा अन्य व्यक्ति खेत में नरवाई जलाते हुए पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) द्वारा 2500 रुपये से 15000 रुपये तक का अर्थदण्ड अधिरोपित किया जाएगा।इस संबंध में नरवाई जलाने की घटनाओं को रोकने और प्रभावी कार्ययोजना बनाने हेतु कार्यालय उप संचालक कृषि में बैठक आयोजित की गई। बैठक में उप संचालक कृषि, कृषि विज्ञान केन्द्र पिपरसमा के वैज्ञानिक, सहायक कृषि यंत्री, कृषि अभियांत्रिकी जिला शिवपुरी एवं विभागीय मैदानी अमला उपस्थित रहा। बैठक में नरवाई प्रबंधन के यंत्रों की उपलब्धता सुनिश्चित करने एवं निर्धारित लक्ष्यों की पूर्ति के लिए आवश्यक निर्देश दिए गए। जिले के कृषकों से अपील की जाती है कि नरवाई जलाने के स्थान पर सुपरसीडर, हैप्पीसीडर, स्मार्टसीडर एवं रोटावेटर जैसे आधुनिक कृषि यंत्रों का उपयोग करें। इससे खेत में कार्बनिक पदार्थों की मात्रा बढ़ेगी, भूमि की उर्वरा शक्ति में वृद्धि होगी तथा अगली फसलों की उत्पादकता पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।