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सामाजिक तरक्की के लिए बाल विवाह का अंत जरूरी

प्रकाशित: 09 Dec 2025

शिवपुरी, 8 दिसम्‍बर 2025। बाल विवाह किशोर-किशोरियों के भविष्य पर कुठाराघात है। यह न केवल उनके सपनों को तोड़ता है, बल्कि उनके संपूर्ण विकास में भी बड़ी बाधा बनता है। इसलिए समाज को एकजुट होकर बाल विवाह के खिलाफ खड़ा होना होगा। यह बात बाल संरक्षण अधिकारी राघवेंद्र शर्मा ने पीजी कॉलेज शिवपुरी में आयोजित जागरूकता कार्यक्रम में कही।

कार्यक्रम का आयोजन बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत किया गया, जिसमें जनअभियान परिषद द्वारा संचालित बीएसडब्ल्यू और एमएसडब्ल्यू पाठ्यक्रम के छात्रों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। सभी छात्रों ने संकल्प लिया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों को बाल विवाह मुक्त बनाने में सक्रिय भूमिका निभाएंगे।

कार्यक्रम में जनअभियान परिषद के विकासखंड समन्वयक शिशुपाल सिंह जादौन, परामर्शदाता केशव शर्मा, पदमा शिवहरे, सीमा पचौरी, रेखा समाधिया सहित बीएसडब्ल्यू एवं एमएसडब्ल्यू के विद्यार्थी मौजूद रहे।


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बाल विवाह समाप्त होने तक अभियान जारी रहेगा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 27 नवंबर 2024 को बाल विवाह मुक्त भारत अभियान का शुभारंभ किया था। लक्ष्य वर्ष 2029 तक भारत को पूर्ण रूप से बाल विवाह मुक्त बनाना है।

यह केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक सामुदायिक जन आंदोलन है, जो तब तक चलेगा जब तक देश से बाल विवाह पूरी तरह समाप्त न हो जाए। यह कुरीति समाप्त करने का शंखनाद है, जिसे समाज की जागरूकता और सहभागिता से ही मिटाया जा सकता है।


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8 मार्च तक चलेगा सघन अभियान

बाल संरक्षण अधिकारी राघवेंद्र शर्मा ने बताया कि 100 दिनों के इस विशेष अभियान के तहत विभिन्न गतिविधियों का आयोजन होगा। इसके माध्यम से अधिक से अधिक लोगों को बाल विवाह के दुष्परिणामों से अवगत कराया जाएगा और उन्हें इस प्रथा का विरोध करने के लिए प्रेरित किया जाएगा।