शिवपुरी में संदिग्ध मौतें सिर्फ आंकड़े बनकर रह जाएंगी
शिवपुरी में एक के बाद एक संदिग्ध मौतें सामने आ रही हैं, लेकिन हर बार मामला सिर्फ “मर्ग कायम” तक सीमित रह जाता है। न ठोस जांच, न जिम्मेदारों पर कार्रवाई—आखिर कब तक ऐसा चलता रहेगा?
ऐसा ही एक मामला 19 फरवरी 2026 को सामने आया, जब करोधी कॉलोनी, राम जानकी मंदिर के पास टोस्ट फैक्ट्री के सामने 28 वर्षीय युवक अर्जुन जाटव की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई।
मामले में फिजिकल थाना शिवपुरी में मर्ग कायम किया गया, लेकिन इसके बाद जांच की रफ्तार मानो थम सी गई।
परिजनों का आरोप है कि:
रिपोर्ट दर्ज कराने वाले आज भी न्याय के लिए भटक रहे हैं
थाना प्रभारी सुनवाई नहीं कर रहे
शिवपुरी एसपी कार्यालय तक गुहार लगाने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई
आज तक पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी परिजनों को नहीं दी गई
सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब एक परिवार अपने बेटे की मौत का सच जानने के लिए दर-दर भटक रहा है, तो जिम्मेदार अधिकारी आखिर कब जागेंगे?
परिवार को आज भी उम्मीद है कि उन्हें न्याय मिलेगा…
लेकिन सवाल है—कब?
❗ बड़ा सवाल:
क्या शिवपुरी में संदिग्ध मौतें सिर्फ फाइलों में दबकर रह जाएंगी, या कभी सच्चाई सामने आएगी और दोषियों पर कार्रवाई होगी?