15 दिन बाद भी कार्रवाई शून्य – क्या पुलिस ने मालिक से कर ली साठ-गांठ?
शिवपुरी। इंडस्ट्री एरिया स्थित महेश मित्तल तेल मिल में कार्यरत 45 वर्षीय कर्मचारी मुकेश ओझा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत का मामला अब गंभीर सवालों के घेरे में है। घटना 15 सितम्बर 2025 की है। परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने उसी दिन मर्ग कायम तो कर लिया था, लेकिन आज तक न तो जांच पूरी हुई है और न ही मिल मालिक के खिलाफ कोई केस दर्ज किया गया। इस लापरवाही ने स्थानीय लोगों के बीच आक्रोश और संदेह दोनों को जन्म दिया है।
परिवार का आरोप
परिवारजन बताते हैं कि घटना वाले दिन उन्होंने मुकेश को कई बार कॉल किया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। बाद में जब वे झिरिया मंदिर के पीछे पहुंचे तो वहां से मुकेश का शव बरामद हुआ। परिजनों का कहना है कि वे चार बार मंदिर तक पहुंचे, लेकिन मिल मालिक महेश मित्तल उन्हें गुमराह करता रहा और कहता रहा कि मुकेश यहां से चले गए हैं।
इसके बाद जब उन्होंने फिर से कॉल किया तो फोन एक अज्ञात व्यक्ति ने उठाया और बताया कि मुकेश मंदिर के पीछे पड़ा हुआ है। परिजन तत्काल उसे जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
गंभीर लापरवाही का आरोप
परिजनों ने मिल मालिक पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि मालिक को पहले से पता था कि मुकेश की तबीयत खराब है, इसके बावजूद उसने अपने मुनीम के जरिए उसे काम पर बुलाया। हालत बिगड़ने पर भी न तो उसे अस्पताल पहुंचाया गया और न ही परिवार को सूचना दी गई। परिवार का आरोप है कि यह मालिक की सीधी लापरवाही है, जिससे मुकेश की जान गई।
पुलिस की चुप्पी पर सवाल
सबसे बड़ा सवाल पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठ रहा है। परिजनों और स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिस ने मर्ग कायम करने के बाद भी मामले को गंभीरता से नहीं लिया। अब तक न तो मिल मालिक से कड़ी पूछताछ की गई और न ही उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। लोगों के बीच यह चर्चा तेज है कि क्या पुलिस ने तेल मिल मालिक से साठ-गांठ कर ली है?
इलाके में आक्रोश
घटना के बाद से पूरे इलाके में सनसनी और आक्रोश का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि किसी आम व्यक्ति पर ऐसे गंभीर आरोप लगे होते तो अब तक गिरफ्तारी हो चुकी होती। लेकिन इस मामले में कार्रवाई न होना न्याय व्यवस्था पर प्रश्नचिन्ह खड़ा करता है।
न्याय की गुहार
परिजनों ने प्रशासन और शासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। साथ ही, पुलिस की लापरवाही पर भी सवाल उठाते हुए उन्होंने उच्चस्तरीय जांच की गुहार लगाई है।