समायोजन की विसंगतियों को लेकर महासंघ ने किया विरोध
सिद्धार्थनगर : राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ, सिद्धार्थनगर द्वारा जनपद में संचालित शिक्षक समायोजन प्रक्रिया पर गंभीर आपत्ति दर्ज कराई गई है। महासंघ का कहना है कि वर्तमान में की जा रही समायोजन प्रक्रिया अव्यवस्थित, त्रुटिपूर्ण एवं शासनादेशों की भावना के विपरीत है, जिससे शिक्षकों में भारी असंतोष व्याप्त है।
जिलाध्यक्ष आदित्य कुमार शुक्ल ने कहा कि समायोजन की प्रक्रिया ऐसे समय में प्रारंभ की गई है, जब अधिकांश शिक्षक अवकाश पर हैं। इससे पारदर्शिता एवं निष्पक्षता पर प्रश्नचिह्न खड़े हो रहे हैं। सरल सूची में अध्यापकों की वरिष्ठता सूची बार-बार बदली जा रही है, जबकि कई विद्यालयों के यू-डायस पोर्टल एवं छात्र नामांकन में स्पष्ट अंतर पाया जा रहा है, जिसके कारण कई शिक्षक अनावश्यक रूप से सरप्लस घोषित किए जा रहे हैं।
उन्होंने आगे कहा कि जिन विद्यालयों में शिक्षामित्र के साथ *केवल एक ही सहायक अध्यापक कार्यरत है*, ऐसे विद्यालयों को भी *एकल शिक्षक विद्यालय* माना जाना चाहिए, किंतु वर्तमान समायोजन प्रक्रिया में इस तथ्य की अनदेखी की जा रही है, जो पूर्णतः अनुचित है तथा कंपोजिट विद्यालयों के शिक्षकों के समायोजन में भी गंभीर विसंगतियाँ सामने आ रही हैं।
राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ स्पष्ट करता है कि जब तक समस्त त्रुटियों एवं विसंगतियों का समाधान नहीं किया जाता, शिक्षकों से आपत्तियाँ प्राप्त कर उनका निस्तारण नहीं किया जाता तथा एक पारदर्शी, न्यायसंगत प्रक्रिया सुनिश्चित नहीं की जाती, तब तक किसी भी प्रकार का समायोजन स्वीकार्य नहीं होगा।
इस अवसर पर संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारी शिवपाल सिंह, विपुल सिंह,अभय सिंह, अरुण चतुर्वेदी, अभय सिंह, राकेश पांडेय, हरिशंकर सिंह, विजय भास्कर, अरुण भास्कर, संतोष पांडेय ,सुरेंद्र गुप्ता, हरिशंकर सिंह,नगीना राय, इस्तियाक सहित अहमद तथा उमाकांत गुप्ता सहित संगठन के तमाम महत्वपूर्ण पदाधिकारी उपस्थित रहे।