नियमों को ताक पर रखकर सड़क निर्माण का आरोप
सिरोही।पिण्डवाड़ा उपखंड के भीमाना गांव में सड़क निर्माण को लेकर बड़ा मामला सामने आया है। भीमाना रेलवे स्टेशन से तरुंगी की ओर बनाई जा रही डामर सड़क में तय मापदंडों की अनदेखी करने के आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने निर्माण कार्य रुकवा दिया और जमकर विरोध प्रदर्शन किया।
ग्रामीणों का आरोप है कि ठेकेदार द्वारा सड़क निर्माण में निर्धारित तकनीकी प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया जा रहा है। मानकों को दरकिनार कर केवल खानापूर्ति करते हुए करोड़ों रुपए के सरकारी धन का दुरुपयोग किया जा रहा है, जिससे सड़क की गुणवत्ता और टिकाऊपन पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
तकनीकी मानकों की उड़ रही धज्जियां
ग्रामीणों के अनुसार सड़क निर्माण में अनिवार्य तकनीकी परतें—सबग्रेड, सब-बेस कोर्स, बेस कोर्स, बाइंडर कोर्स और सरफेस कोर्स—नियमों के अनुरूप नहीं बिछाई जा रही हैं।
प्रत्येक परत की मोटाई, सामग्री की गुणवत्ता और उचित कम्पैक्शन आवश्यक होता है, लेकिन मौके पर इन सभी मानकों की खुलेआम अनदेखी की जा रही है।
आरोप है कि निर्माण स्थल पर न तो जमीन की सफाई की जा रही है और न ही तय मापदंडों के अनुसार सामग्री का उपयोग हो रहा है। बजरी-कंक्रीट की जगह मिट्टी युक्त बजरी डाली जा रही है, जिससे सड़क की मजबूती पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
ग्रामीणों में भारी आक्रोश
ग्रामीणों का कहना है कि सड़क पर केवल मिट्टी डालकर ऊपर से डामर बिछाने की तैयारी की जा रही थी। ऐसी सड़क कुछ ही समय में टूट सकती है, जिससे भविष्य में फिर से सरकारी धन खर्च होगा और आम जनता को परेशानी झेलनी पड़ेगी।
मौके पर पहुंचे ग्रामीण, काम कराया बंद
गुणवत्ता हीन निर्माण की सूचना मिलते ही समाजसेवी हार्दिक रावल, भानाराम चौधरी, राजन सिंह सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंचे। उन्होंने निर्माण कार्य का निरीक्षण किया और ठेकेदार से तकनीकी मानकों के अनुसार काम करने की मांग की। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर ग्रामीणों ने एकजुट होकर निर्माण कार्य रुकवा दिया।
ग्रामीणों ने इसे सीधा-सीधा भ्रष्टाचार का मामला बताते हुए जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठाए।
PWD विभाग ने जांच का दिया आश्वासन
आबूरोड PWD विभाग के अधिशासी अभियंता (XEN) रमेश कुमार ने बताया कि मामले की जांच के लिए तकनीकी अधिकारियों को मौके पर भेजा जाएगा और जांच रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
उच्च अधिकारियों से शिकायत की तैयारी
ग्रामीणों ने सड़क निर्माण की गुणवत्ता की तकनीकी जांच, सैंपल लेने और दोषी ठेकेदार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर उच्च अधिकारियों को लिखित शिकायत देने की बात कही है। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि जब तक सड़क निर्माण मानकों के अनुसार नहीं होगा, तब तक कार्य शुरू नहीं होने दिया जाएगा।
जनहित से जुड़ा अहम मामला
भीमाना से तरुंगी तक की यह सड़क ग्रामीणों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। इसी मार्ग से आवागमन, कृषि उपज का परिवहन और रेलवे स्टेशन तक पहुंच होती है। घटिया सड़क निर्माण से आम जनता को सीधा नुकसान उठाना पड़ेगा।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने समय रहते ठोस कार्रवाई नहीं की तो वे आंदोलन करने से भी पीछे नहीं हटेंगे। फिलहाल निर्माण कार्य बंद है और ग्रामीण प्रशासनिक कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं।