Today sirohi hindi-News : जिला कलेक्टर अल्पा चौधरी की अध्यक्षता में मंगलवार को जिला बाल संरक्षण इकाई आयोजित
बच्चों की सुरक्षा एवं कल्याण के लिए विद्यालय वाहनों पर विशेष निगरानी के निर्देश
सिरोही,11 नवम्बर। जिला कलेक्टर अल्पा चौधरी की अध्यक्षता में मंगलवार को जिला बाल संरक्षण इकाई, बाल अधिकारिता विभाग की त्रैमासिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में बच्चों के संरक्षण,उनके कल्याण एवं राज्य सरकार की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक का प्रारम्भ सहायक निदेशक, जिला बाल संरक्षण इकाई राजेन्द्र कुमार पुरोहित द्वारा पिछली बैठक में लिए गए निर्णयों की पालना रिपोर्ट प्रस्तुत करने से हुआ। इसके पश्चात् विभिन्न विभागों द्वारा बच्चों के हित में संचालित गतिविधियों की समीक्षा की गई तथा आगामी कार्ययोजना पर चर्चा की गई।
बैठक में जिला कलेक्टर ने निर्देश दिए कि चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग जिले के सभी औषधि केन्द्रों पर सीसीटीवी कैमरों की स्थापना शत प्रतिशत सुनिश्चित करे ताकि किसी प्रकार की अनियमितता या लापरवाही की गुंजाइश न रहे। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि पोक्सो प्रकरणों में पीड़ित बालक-बालिकाओं की चिकित्सकीय जांच बिना विलम्ब तुरन्त की जाए, जिससे पीड़ित को आवश्यक सहायता मिल सके। जिला कलेक्टर ने कहा कि राजकीय जनाना चिकित्सालय,सिरोही की तर्ज पर प्रत्येक ब्लॉक मुख्यालय पर ‘पालना गृह’ की स्थापना की जाए ताकि परित्यक्त या असहाय शिशुओं की सुरक्षित देखभाल सुनिश्चित की जा सके।
इस दिशा में चिकित्सा विभाग, बाल कल्याण समिति एवं बाल अधिकारिता विभाग के बीच समुचित समन्वय स्थापित कर कार्यवाही की जाएगी। चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 की समीक्षा के दौरान यह पाया गया कि कुछ प्रकरण अब भी लंबित हैं। इस पर कलेक्टर ने चाइल्ड हेल्पलाइन समन्वयक मनोहर सिंह को निर्देशित किया कि सभी लंबित प्रकरणों की अद्यतन जानकारी एएचटीयू से साझा करें तथा आवश्यक कार्रवाई शीघ्र सुनिश्चित करें। बाल भिक्षावृत्ति जैसी सामाजिक बुराई पर प्रभावी नियंत्रण के लिए ‘उमंग 6 अभियान’ के अंतर्गत जिले में 15 से 30 नवम्बर 2025 तक ब्लॉक स्तर पर विशेष शिविर आयोजित करने का निर्णय लिया गया।
इन शिविरों की अध्यक्षता संबंधित तहसीलदार करेंगे, जिनमें भिक्षावृत्ति में लिप्त बालकों के जन्म प्रमाण पत्र, आधार आवेदन आदि दस्तावेज तैयार कराए जाएंगे। इसके पश्चात् संबंधित ब्लॉक शिक्षा अधिकारी इन बच्चों को विद्यालयों में नामांकित कर शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने की प्रक्रिया पूर्ण करेंगे तथा आगामी बैठक में प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे। बाल सुरक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए जिला कलेक्टर ने विद्यालय वाहनों (बाल वाहिनियों) पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए। बैठक में उपस्थित जिला परिवहन विभाग के प्रतिनिधि आर.पी. वैष्णव को यह निर्देश दिए गए कि विद्यालयों में उपयोग होने वाले सभी वाहनों की नियमित जांच एवं सत्यापन किया जाए।
उन्होंने कहा कि ओवरलोडिंग (अधिक बच्चों को बैठाना) और ओवरराइडिंग (वाहन के ऊपर बैठना) जैसी खतरनाक प्रवृत्तियों को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसके लिए परिवहन विभाग द्वारा मासिक औचक निरीक्षण किए जाएं और यह सुनिश्चित किया जाए कि सभी विद्यालय वाहन परिवहन नियमों एवं सुरक्षा मानकों के अनुरूप संचालित हो रहे हैं।
बैठक में बाल संरक्षण से जुड़े अन्य विषयों पर भी चर्चा की गई और विभिन्न विभागों को आपसी समन्वय के साथ बच्चों के हित में कार्य करने के निर्देश दिए गए। बैठक कें अंत में बाल श्रम एवं बाल विवाह के पोस्टर का विमोचन किया गया। बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पुलिस पी.डी. धानिया, सहायक निदेशक महिला अधिकारिता अंकिता राजपुरोहित, भंवर सिंह, परिवीक्षा अधिकारी अशोक कुमार, सहायक सांख्यिकी अधिकारी सुश्री दिव्या अटल, बाल कल्याण समिति अध्यक्ष रतन बाफना, सदस्य शशिकला मरडिया एवं प्रकाश माली, परिवहन निरीक्षक गुलाब सिंह, रेलवे सुरक्षा बल के प्रमेन्द्र धाणा, जिला आबकारी अधिकारी अजय जैन, संरक्षण अधिकारी कन्हैया लाल, वरिष्ठ सहायक बाबूलाल, आउटरीच वर्कर दिलीप धवल, चाइल्ड हेल्पलाइन कोऑर्डिनेटर मनोहर सिंह, तथा आवा संस्था से त्रिदेव वैष्णव, प्रिंस सिंह, जसवंत राज एवं हितेश कुमार सहित अनेक स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।