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प्रकाशित: 14 Jan 2026

डोलीफली में जिले की पहली महिला-नेतृत्व वाली बीवाईपी ब्रूडिंग यूनिट का शुभारंभ

कोटक महिंद्रा बैंक के सीएसआर सहयोग से महिला आजीविका को मिला नया आधार

आबूरोड । डोलीफली ग्राम (ग्राम पंचायत भीमाणा, जिला सिरोही) में जिले की पहली महिला-नेतृत्व वाली पोल्ट्री (BYP) ब्रूडिंग यूनिट का भव्य उद्घाटन किया गया। यह पहल ग्रामीण महिलाओं के लिए आजीविका सृजन की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगी।

उद्घाटन समारोह में कोटक महिंद्रा बैंक लिमिटेड की सीएसआर टीम से सोनल, रवीन्द्रनाथ (स्टेट हेड, PRADAN राजस्थान), हेमेंद्र सिंह देवड़ा (सरपंच, ग्राम पंचायत भीमाणा), यशपाल सिंह (ग्राम विकास अधिकारी, भीमाणा) तथा सुमीत कुमार एवं मनोहर सिंह भाटी (PRADAN, आबू रोड) की गरिमामयी उपस्थिति रही।

यह बीवाईपी ब्रूडिंग यूनिट जिले में अपनी तरह की पहली इकाई है, जहाँ डे-ओल्ड-चिक्स (DOC) को वैज्ञानिक एवं मानक पद्धतियों से ब्रूड किया जा रहा है। इस पहल से स्थानीय स्तर पर गुणवत्तापूर्ण चूजों की नियमित उपलब्धता सुनिश्चित होगी, जिससे महिलाओं के नेतृत्व में पोल्ट्री आधारित आजीविका, आय वृद्धि एवं स्थानीय रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।

यह इकाई कोटक महिंद्रा बैंक लिमिटेड के सीएसआर सहयोग से स्थापित की गई है, जबकि इसका तकनीकी मार्गदर्शन PRADAN, आबू रोड द्वारा प्रदान किया गया है। इस सफल मॉडल से प्रेरित होकर आबू रोड ब्लॉक के वासड़ा ग्राम में दूसरी ब्रूडिंग यूनिट की भी स्थापना की जा चुकी है।

कार्यक्रम के दौरान डोलीफली ग्राम की महिला ग्राम संगठन (VO) की सदस्यों ने स्वयं ग्राम की विस्तृत विकास योजना (DPR) प्रस्तुत की। महिलाओं ने मानचित्रों के माध्यम से जल बजटिंग, वर्षा आधारित जल उपलब्धता, भू-जल पुनर्भरण एवं प्रस्तावित जल संरचनाओं को विस्तार से समझाया। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह योजना किस प्रकार जल तक स्थायी पहुँच, आजीविका परिसंपत्तियों के सृजन और समग्र पारिस्थितिकी पुनर्स्थापन में सहायक होगी। यह प्रस्तुति महिला नेतृत्व, योजना निर्माण और निर्णय-प्रक्रिया में उनकी सशक्त भागीदारी का सशक्त उदाहरण रही।

प्रस्तुत ग्राम विकास योजना में जल संचयन, भूमि विकास, ड्रिप एवं स्प्रिंकलर जैसे माइक्रो-इरिगेशन का विस्तार, संरक्षित खेती (नेट-हाउस/पॉलीहाउस), चारागाह संरक्षण, वृक्षारोपण तथा आजीविका सुदृढ़ीकरण से जुड़ी सहायक गतिविधियाँ शामिल हैं। यह योजना विशेष रूप से जनजातीय, छोटे एवं सीमांत महिला किसानों को केंद्र में रखकर तैयार की गई है, ताकि जल सुरक्षा, कृषि उत्पादकता एवं आय में दीर्घकालिक सुधार सुनिश्चित किया जा सके।

इस अवसर पर यह भी जानकारी दी गई कि ग्राम पंचायत भरजा एवं ग्राम पंचायत भीमाणा में जल संरक्षण एवं आजीविका संवर्धन से संबंधित कार्यों के लिए कोटक महिंद्रा बैंक लिमिटेड द्वारा सीएसआर अंतर्गत लगभग ₹5 करोड़ का वित्तीय सहयोग प्रदान किया जाएगा। इस सहयोग का उद्देश्य दोनों ग्राम पंचायतों को जल-पर्याप्त, गरीबी-मुक्त एवं महिला-अनुकूल ग्राम पंचायत के रूप में विकसित करना है।

कार्यक्रम में उपस्थित वक्ताओं ने कहा कि महिला-नेतृत्व, जल बजटिंग और आजीविका आधारित यह समेकित मॉडल ग्रामीण क्षेत्रों में टिकाऊ विकास, सामुदायिक स्वामित्व और समावेशी आर्थिक सशक्तिकरण को नई मजबूती प्रदान करेगा।