मनरेगा बचाओ महासंग्राम
रिपोर्ट@अनीश मेमन स्वरूपगंज PHM न्यूज
मनरेगा बचाओ महासंग्राम अभियान के तहत पिंडवाड़ा ब्लॉक में कांग्रेस की बैठक आयोजित
सिरोही (पिंडवाड़ा)। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी एवं प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देशानुसार सिरोही जिले में चल रहे “मनरेगा बचाओ महासंग्राम अभियान” के तहत बुधवार को ब्लॉक कांग्रेस कमेटी पिंडवाड़ा के तत्वावधान में धनारी, गोलियां, नवी जमीन, नई धनारी, नीतोड़ा, मंडवाड़ा खालसा, केर एवं ईसरा गांवों में बैठक आयोजित की गई।
बैठक में जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष एवं आबू-पिंडवाड़ा विधानसभा प्रत्याशी लीलाराम गरासिया मुख्य अतिथि रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष पुष्पेंद्र सिंह देवड़ा ने की। वहीं कांग्रेस महासचिव हमिद कुरैशी, पूर्व चेयरमैन अचल सिंह बालियां सहित कई वरिष्ठ नेता मंचासीन रहे।
सभा को संबोधित करते हुए जिला अध्यक्ष लीलाराम गरासिया ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार पूंजीपतियों और उद्योगपतियों की सरकार है, जो किसी न किसी तरीके से मनरेगा को कमजोर कर उसे समाप्त करना चाहती है। उन्होंने कहा कि मनरेगा का केवल नाम ही नहीं बदला गया, बल्कि इसे खत्म करने की साजिश भी रची जा रही है।
गरासिया ने स्पष्ट कहा कि कांग्रेस पार्टी मनरेगा को बंद करने की किसी भी साजिश को सफल नहीं होने देगी। इसी उद्देश्य से पूरे देश में मनरेगा बचाओ अभियान चलाया जा रहा है, जिसके तहत गांव-गांव और ढाणी-ढाणी जाकर जनता को जागरूक किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार ने आमजन को रोजगार का अधिकार दिया था, जिसे वर्तमान सरकार खत्म करने का प्रयास कर रही है। अरावली बचाओ आंदोलन का उल्लेख करते हुए उन्होंने कार्यकर्ताओं से मनरेगा बचाने के लिए भी जन आंदोलन खड़ा करने का आह्वान किया।
पूर्व चेयरमैन अचल सिंह बालियां ने कहा कि मनरेगा पहले एक कानूनी अधिकार था, जिसके तहत प्रत्येक परिवार को 100 दिन के रोजगार की गारंटी दी गई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार ने नए प्रावधानों के तहत केंद्र का अंश घटाकर 60 प्रतिशत कर दिया है और 40 प्रतिशत का भार राज्य सरकार पर डाल दिया है, जिससे सरकार की नीयत स्पष्ट होती है।
उन्होंने कहा कि मनरेगा गरीब और मजदूर वर्ग के लिए जीवनरेखा है, और कांग्रेस पार्टी इसे किसी भी कीमत पर समाप्त नहीं होने देगी।
ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष पुष्पेंद्र सिंह देवड़ा ने कहा कि सिरोही जिला देश में सबसे पहले मनरेगा लागू होने वाले जिलों में शामिल रहा है। मनरेगा के चलते यहां के मजदूरों को पलायन नहीं करना पड़ा और यह योजना आजीविका का मजबूत साधन बनी।
उन्होंने कोरोना काल को याद करते हुए कहा कि जब सभी रोजगार के साधन बंद हो गए थे, तब मनरेगा ही आमजन के लिए संजीवनी साबित हुई थी।
इस अवसर पर पूर्व जिला प्रमुख चंदन सिंह देवड़ा, पूर्व प्रधान महेंद्र रावल, मंडल अध्यक्ष मोटाराम मेघवाल, महासचिव परबत सिंह काबा, महिला कांग्रेस प्रदेश सचिव पिंकी मेघवाल, पीरा राम देवासी, हरसन भाई ईसरा, हुसराम गरासिया, दयाला राम गरासिया, लुंबा राम मेघवाल, सदाराम चौधरी सहित सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ता एवं ग्रामीणजन उपस्थित रहे।