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Today sirohi-hindi-News Rajasthan : पिण्डवाड़ा खनन विरोध | सर्व समाज महापंचायत

प्रकाशित: 18 Dec 2025

रेिपोर्ट अनीश मेमन PHM न्यूज 

सिरोही | पिण्डवाड़ा क्षेत्र में प्रस्तावित चूना पत्थर खनन के खिलाफ सर्व समाज एकजुट

कमलेश मेटाकास्ट की खनन परियोजना के विरोध में कल होगी सर्व समाज की महापंचायत

सिरोही। पिण्डवाड़ा क्षेत्र में प्रस्तावित कमलेश मेटाकास्ट प्राइवेट लिमिटेड की चूना पत्थर खनन परियोजना के विरोध में जनआक्रोश लगातार तेज होता जा रहा है। अब यह विरोध केवल कुछ गांवों तक सीमित न रहकर पूरे क्षेत्र का सामूहिक आंदोलन बनता जा रहा है।

इसी क्रम में गुरुवार को स्वरूपगंज स्थित देवासी समाज धर्मशाला में सर्व समाज की विशाल महापंचायत एवं बड़ी बैठक आयोजित की जाएगी। महापंचायत में 36 कौम के लोग एक जाजम पर बैठकर आंदोलन की आगे की रणनीति तय करेंगे।

भव्य स्वागत के साथ पहुंचेगा नेतृत्व

महापंचायत में भाग लेने के लिए राष्ट्रीय पशुपालन संघ के अध्यक्ष लाल सिंह रायका स्वरूपगंज पहुंचेंगे। इस अवसर पर बजरंग चौराहे पर देवासी समाज द्वारा उनका भव्य स्वागत किया जाएगा। इसके बाद उनका काफिला मुख्य बाजार होते हुए देवासी समाज धर्मशाला पहुंचेगा।

800.9935 हेक्टेयर में प्रस्तावित खनन से बढ़ी चिंता

ग्रामीणों का कहना है कि करीब 800.9935 हेक्टेयर क्षेत्र में प्रस्तावित यह खनन परियोजना जल, जंगल और जमीन के लिए गंभीर खतरा है। इससे कृषि भूमि, पशुपालन, जल स्रोत और पर्यावरण पर दीर्घकालिक नकारात्मक प्रभाव पड़ने की आशंका है।

चार ग्राम पंचायतों के 12 गांवों में पहले से जारी विरोध

वाटेरा, भीमाना, भारजा और रोहिड़ा ग्राम पंचायतों के अंतर्गत आने वाले 12 गांवों के ग्रामीण लंबे समय से इस खनन परियोजना का विरोध कर रहे हैं। अब सर्व समाज और विभिन्न सामाजिक संगठनों के समर्थन से आंदोलन को नई मजबूती मिलती नजर आ रही है।

प्रमुख समाजसेवी और किसान संगठन होंगे शामिल

महापंचायत में राष्ट्रीय पशुपालन संघ के अध्यक्ष लाल सिंह रायका, वरिष्ठ समाजसेवी झालाराम देवासी, भरत साधना, भारतीय किसान संघ के पदाधिकारी सहित जिलेभर के कई समाजसेवी, किसान नेता और क्षेत्रवासी शामिल होंगे।

कृषि, पशुपालन और जल स्रोतों पर संकट की आशंका

आयोजकों और ग्रामीणों का कहना है कि खनन से हजारों बीघा उपजाऊ भूमि प्रभावित होगी। पशुपालन पर निर्भर परिवारों की आजीविका संकट में पड़ सकती है, वहीं क्षेत्र के कुएं, बावड़ियां और अन्य जल स्रोत सूखने की स्थिति में आ सकते हैं।

सरकार को अल्टीमेटम, बड़े आंदोलन की चेतावनी

महापंचायत में यह निर्णय लिया जाएगा कि यदि सरकार ने समय रहते खनन परियोजना को निरस्त नहीं किया, तो जिलेभर में शांतिपूर्ण लेकिन निर्णायक जनआंदोलन शुरू किया जाएगा। आंदोलन की रूपरेखा और रणनीति पर विस्तार से मंथन होगा।

युद्ध स्तर पर तैयारियां, गांव-गांव जनसंपर्क

महापंचायत को लेकर देवासी समाज धर्मशाला सहित आसपास के क्षेत्रों में तैयारियां अंतिम चरण में हैं। गांव-गांव जनजागरण अभियान चलाया जा रहा है और अधिक से अधिक लोगों से महापंचायत में शामिल होने की अपील की जा रही है।

जिला स्तरीय आंदोलन का रूप लेता मुद्दा

अब यह खनन परियोजना केवल स्थानीय मुद्दा नहीं रह गई है, बल्कि पूरे सिरोही जिले के सर्व समाज का साझा आंदोलन बनती जा रही है। गुरुवार को होने वाली महापंचायत के फैसलों पर पूरे जिले की नजरें टिकी हुई हैं।