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सिरोही

प्रकाशित: 03 Jan 2026

रिपोर्ट :-अनीश मेमन PHM न्यूज 

सिरोही जिले में खनन परियोजना के विरोध ने पकड़ा जोर

गांव-गांव लगे जनजागृति होर्डिंग्स,28 जनवरी से अनिश्चितकालीन महाआंदोलन का ऐलान

पिण्डवाड़ा। सिरोही जिले में कमलेश मेटाकास्ट की प्रस्तावित खनन परियोजना के विरोध में जनआंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। बीते करीब तीन महीनों से क्षेत्रवासी इस परियोजना को पूरी तरह निरस्त करने की मांग को लेकर आंदोलनरत हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यह खनन परियोजना पर्यावरण, जलस्रोतों और स्थानीय जनजीवन के लिए गंभीर खतरा साबित होगी।

एक ही मांग—खनन परियोजना हो पूरी तरह निरस्त

आंदोलनरत क्षेत्रवासियों की स्पष्ट और एकमात्र मांग है कि प्रस्तावित खनन परियोजना को तुरंत रद्द किया जाए। ग्रामीणों का आरोप है कि खनन से खेती, पशुपालन और पेयजल स्रोतों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। इसके बावजूद अब तक सरकार की ओर से कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है, जिससे लोगों में गहरा असंतोष व्याप्त है।

28 जनवरी से अनिश्चितकालीन महाआंदोलन

सरकार की चुप्पी से आक्रोशित क्षेत्रवासियों ने विभिन्न सामाजिक संगठनों के सहयोग से 28 जनवरी 2026 से अनिश्चितकालीन महाआंदोलन शुरू करने का ऐलान किया है। आंदोलन को व्यापक और निर्णायक बनाने के लिए गांव-गांव संपर्क अभियान चलाया जा रहा है।

गांव-गांव लगे होर्डिंग्स और बैनर

आंदोलन की तैयारियों के तहत पूरे क्षेत्र में जनजागृति अभियान तेज कर दिया गया है। मुख्य मार्गों, गांवों और चौराहों पर विरोध संदेश वाले होर्डिंग्स, बैनर और पोस्टर लगाए जा रहे हैं। इन माध्यमों से लोगों को खनन परियोजना से होने वाले संभावित दुष्परिणामों के प्रति जागरूक किया जा रहा है।

क्षेत्र में जबरदस्त आक्रोश, बड़े आंदोलन की संभावना

खनन परियोजना को लेकर किसानों, पशुपालकों, युवाओं और आम ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। आंदोलनकारियों का दावा है कि यदि सरकार ने समय रहते परियोजना को निरस्त नहीं किया, तो यह आंदोलन जिले का अब तक का सबसे बड़ा जनआंदोलन साबित हो सकता है।

प्रशासन और सरकार पर टिकी निगाहें

अब क्षेत्रवासियों की निगाहें प्रशासन और राज्य सरकार के अगले कदम पर टिकी हैं। आंदोलनकारियों का कहना है कि वे शांतिपूर्ण लेकिन निर्णायक संघर्ष के लिए पूरी तरह तैयार हैं और मांग पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा।