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Rajasthan

प्रकाशित: 23 Dec 2025

रिपोर्ट अनीश मेमन PHM न्यूज 

अवैध खनन उजागर करने पर पत्रकार तुषार पुरोहित को जान का खतरा

पुलिस अधीक्षक से मांगी सुरक्षा, परिवार सहित संरक्षण की मांग

सिरोही। जिले के पिण्डवाड़ा तहसील क्षेत्र में अवैध खनन को उजागर करना एक वरिष्ठ पत्रकार को भारी पड़ता नजर आ रहा है। ग्राम वाटेरा निवासी पत्रकार तुषार पुरोहित ने अवैध बजरी, पत्थर व मिट्टी खनन से जुड़े मामलों को लगातार सामने लाने के बाद अपनी जान-माल को खतरा बताते हुए पुलिस अधीक्षक सिरोही को लिखित प्रार्थना-पत्र सौंपकर स्वयं एवं अपने परिवार को सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की है।

पत्र में पत्रकार ने आशंका जताई है कि अवैध खनन माफिया द्वारा उनके विरुद्ध षड्यंत्र रचने, जानलेवा हमला करने अथवा परिवार को डराने-धमकाने की घटनाएं हो सकती हैं।

खबरों के बाद बढ़ा खतरा

पत्रकार तुषार पुरोहित ने बताया कि वह लंबे समय से जनहित से जुड़े मुद्दों पर निष्पक्ष और तथ्यात्मक पत्रकारिता करते आ रहे हैं। हाल के महीनों में उन्होंने पिण्डवाड़ा क्षेत्र में चल रहे अवैध खनन को उजागर किया, जिसके बाद प्रशासन हरकत में आया और संबंधित विभागों द्वारा जांच शुरू की गई।

जांच शुरू होते ही खनन माफिया में असंतोष और आक्रोश बढ़ गया, जिसका सीधा असर उनकी सुरक्षा पर पड़ रहा है।

खनन परियोजना पर भी की तथ्यात्मक रिपोर्टिंग

पत्रकार द्वारा क्षेत्र में प्रस्तावित मेसर्स कमलेश मेटाकास्ट प्राइवेट लिमिटेड की चूना पत्थर खनन परियोजना को लेकर भी पर्यावरण, स्थानीय जनजीवन और प्राकृतिक संसाधनों पर पड़ने वाले प्रभावों को उजागर किया गया। इन रिपोर्टों के बाद प्रभावशाली लोगों द्वारा दबाव बनाने की कोशिशें तेज होने की बात कही गई है।

विश्वसनीय सूत्रों से मिली साजिश की जानकारी

प्रार्थना-पत्र में उल्लेख किया गया है कि विश्वसनीय माध्यमों से सूचना मिल रही है कि अवैध खनन से जुड़े कुछ प्रभावशाली लोग पत्रकार के खिलाफ साजिश रच सकते हैं। इसमें प्राणघातक हमला, जान-माल को नुकसान पहुंचाना या परिवार को भयभीत करने जैसी आशंकाएं शामिल हैं।

पुलिस से तीन प्रमुख मांगें

पत्रकार तुषार पुरोहित ने पुलिस अधीक्षक से—

स्वयं एवं परिवार को तत्काल पुलिस सुरक्षा देने,

संभावित धमकी व आपराधिक गतिविधियों पर पूर्व-रोकथामात्मक कार्रवाई करने,

विधिक संरक्षण प्रदान करने की मांग की है, ताकि वह बिना भय पत्रकारिता कर सकें।

प्रशासन व मीडिया में चिंता

मामले की प्रतिलिपि मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव, डीजीपी, आईजी जोधपुर रेंज, जिला कलेक्टर, डीएसपी पिण्डवाड़ा सहित संबंधित अधिकारियों और मीडिया संस्थानों को भेजी गई है। घटना के बाद पत्रकार संगठनों और मीडिया जगत में चिंता का माहौल है।

पत्रकारों ने इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर गंभीर खतरा बताते हुए प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की मांग की है।

सुरक्षा और निष्पक्ष जांच की जरूरत

जानकारों का कहना है कि यदि पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की गई, तो अवैध गतिविधियों के खिलाफ आवाज उठाना कठिन हो जाएगा। ऐसे में प्रशासन की जिम्मेदारी है कि वह निष्पक्ष जांच के साथ-साथ सच सामने लाने वालों को पूरा संरक्षण दे, ताकि लोकतंत्र का चौथा स्तंभ मजबूत बना रहे।