PHM NEWS

स्वछता से स्वास्थ्य तक.NSS शिविर मे गुंजा मोटे अनाज का महत्व.

प्रकाशित: 21 Dec 2025

उनियारा.उनियारा (संवाददाता)। राजकीय महाविद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) इकाई प्रथम के सात दिवसीय विशेष शिविर के तीसरे दिन शनिवार को विभिन्न रचनात्मक और बौद्धिक गतिविधियों का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ मां सरस्वती की वंदना एवं राष्ट्रीय सेवा योजना के लक्ष्य गीत के साथ हुआ।

​चामुंडा माता मंदिर परिसर में किया श्रमदान

​शिविर के प्रथम सत्र में स्वयंसेवकों ने 'स्वच्छ भारत अभियान' के तहत सेवा भाव का परिचय दिया। सोशल वेलफेयर चैरिटेबल ट्रस्ट फाउंडेशन, देवली-टोंक के सदस्यों और NSS स्वयंसेवकों ने संयुक्त रूप से कैंप स्थल चामुंडा माता मंदिर परिसर में सघन सफाई अभियान चलाया। इस दौरान झाड़ू लगाकर और पेड़-पौधों के आसपास फैले प्लास्टिक व कचरे को एकत्रित कर श्रमदान किया गया।

मोटे अनाज की महत्ता पर विशेष व्याख्यान

​श्रमदान के पश्चात आयोजित बौद्धिक सत्र में मुख्य वक्ता पत्रकार संदीप गुप्ता ने “युवाओं की राष्ट्र निर्माण में भूमिका” विषय पर प्रेरणादायक उद्बोधन दिया। उन्होंने स्वयंसेवकों को संस्कार, बड़ों एवं गुरुजनों के प्रति सम्मान जैसे नैतिक मूल्यों के महत्व को समझाया। स्वास्थ्य पर चर्चा करते हुए उन्होंने बताया कि वर्तमान समय में 'मोटा अनाज' स्वास्थ्य के लिए अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि Iron बिना उर्वरक की फसल माना जाता है।

महिला अधिकार और कौशल विकास

​द्वितीय सत्र में महाविद्यालय की सहायक आचार्य श्रीमती दिव्या मीणा ने स्वयंसेविकाओं को महिलाओं के संवैधानिक अधिकारों की विस्तृत जानकारी देकर जागरूक किया। इसके पश्चात इकाई प्रभारी विशाल काटिया एवं फाउंडेशन के पंजीकृत सदस्यों शैलेश शर्मा, पवन सुरेश सैनी, भूमिका और माया प्रजापत के सहयोग से स्वयंसेवकों को योग, प्राणायाम एवं ध्यान का अभ्यास कराया गया।

विविध प्रतियोगिताओं का आयोजन

​स्वयंसेवकों के सर्वांगीण विकास हेतु अंताक्षरी, खेल और भाषण प्रतियोगिताओं का आयोजन हुआ। भाषण प्रतियोगिता में छात्रों ने पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक सुरक्षा, महिला हिंसा और राष्ट्र निर्माण में छात्र की भूमिका जैसे विषयों पर अपने ओजस्वी विचार रखे।

​शिविर के तीसरे दिन माया सेन, नीरज वैष्णव, सांवरा बैरागी, संजय प्रजापत, कुलदीप सैनी सहित कुल 55 स्वयंसेवक उपस्थित रहे, जिन्होंने सभी गतिविधियों में उत्साहपूर्वक भाग लिया।