टोंक/अलीगढ़.भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) मुख्यालय ने नए साल के पहले दिन बड़ी कार्रवाई करते हुए जिले के अलीगढ़ थाने के तत्कालीन थानाधिकारी और एक सिपाही के खिलाफ पद के दुरुपयोग और रिश्वत मांगने का माम...
टोंक/अलीगढ़.भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) मुख्यालय ने नए साल के पहले दिन बड़ी कार्रवाई करते हुए जिले के अलीगढ़ थाने के तत्कालीन थानाधिकारी और एक सिपाही के खिलाफ पद के दुरुपयोग और रिश्वत मांगने का मामला दर्ज किया है। आरोपियों ने थाने में बंद एक मुल्जिम के साथ मारपीट न करने और सुविधाएं देने के बदले 20 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी।
प्रकरण
जानकारी के अनुसार, अलीगढ़ थाने में दर्ज एफआईआर संख्या 158/2024 के सिलसिले में पुलिस ने राजमहल मीणा (निवासी डेकवा, सवाई माधोपुर) को हिरासत में लिया था। 9 सितंबर 2025 को आरोपी के भाई ने सवाई माधोपुर एसीबी में शिकायत दर्ज करवाई। परिवादी का आरोप था कि तत्कालीन थानाधिकारी पवन कुमार चौधरी (जो वर्तमान में थाना मालपुरा में द्वितीय अधिकारी हैं) ने सिपाही कर्मवीर चौधरी के माध्यम से 20 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की है। यह राशि आरोपी भाई को लॉकअप में परेशान न करने के एवज में मांगी गई थी।
एसीबी की भनक लगते ही हो गए थे सतर्क
एसीबी सवाई माधोपुर ने शिकायत मिलते ही 9 सितंबर को सत्यापन करवाया, जिसमें रिश्वत मांगने की पुष्टि हो गई। इसके बाद एसीबी टीम ने 10 सितंबर 2025 को पहला ट्रैप और 13 व 14 सितंबर को दूसरा ट्रैप आयोजित किया। लेकिन आरोपियों को एसीबी की मौजूदगी का शक हो गया और भनक लगते ही उन्होंने रिश्वत की राशि नहीं ली, जिससे रंगे हाथों कार्यवाही (Trap) सफल नहीं हो पाई।
सबूतों के आधार पर मुख्यालय में दर्ज हुआ केस
ट्रैप कार्यवाही भले ही पूरी नहीं हुई, लेकिन एसीबी के पास सत्यापन के दौरान रिकॉर्ड की गई रिश्वत की मांग के पुख्ता सबूत थे। सवाई माधोपुर एसीबी ने दिसंबर 2025 में पूरी रिपोर्ट जयपुर मुख्यालय को भेजी। मुख्यालय ने मामले की गंभीरता को देखते हुए 1 जनवरी 2026 को दोनों पुलिसकर्मियों के खिलाफ पीसी एक्ट की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।
एडिशनल एसपी करेंगे जांच
इस प्रकरण की जांच अब एडिशनल एसपी स्तर के अधिकारी को सौंपी गई है। सूत्रों के मुताबिक, जांच का दायरा बढ़ने पर इस प्रकरण में कुछ और पुलिसकर्मियों या दलालों के नाम भी सामने आ सकते हैं।