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टोंक-सवाई माधोपुर में खाद संकट पर सांसद हरीश मीणा सख्त, केंद्रीय मंत्री नड्डा से मिल माँगी उच्चस्तरीय जांच

प्रकाशित: 11 Dec 2025

उनियारा(आनंद शर्मा).टोंक-सवाई माधोपुर संसदीय क्षेत्र में रबी सीजन के दौरान खाद (उर्वरक) की भारी किल्लत और वितरण में हो रही धांधली को लेकर सांसद हरीश चंद्र मीणा ने कड़ा रुख अपनाया है। सोमवार को सांसद मीणा ने नई दिल्ली में केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्री जे.पी. नड्डा से मुलाकात कर उन्हें एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा और मामले में तत्काल केंद्रीय हस्तक्षेप की मांग की।

सांसद ने मंत्री को बताया कि क्षेत्र में उर्वरक संकट 'प्राकृतिक' नहीं बल्कि 'कृत्रिम' है, जो राज्य सरकार की लापरवाही और प्रशासनिक उदासीनता का नतीजा है।

संसद में खुलासे के बाद एक्शन में सांसद

सांसद मीणा ने बताया कि गत 5 दिसंबर को लोकसभा में उनके प्रश्न के उत्तर में केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया था कि राजस्थान को न केवल पर्याप्त उर्वरक दिया गया है, बल्कि टोंक और सवाई माधोपुर के लिए अतिरिक्त रैक भी आवंटित किए गए हैं। इसके बावजूद, जमीनी स्तर पर किसानों को खाद नहीं मिल रही है। सांसद ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार के पास मॉनिटरिंग का कोई सिस्टम नहीं है और विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत से खाद की कालाबाजारी हो रही है।

​किसानों को लाठियां, दलालों को मलाई

केंद्रीय मंत्री को सौंपे गए ज्ञापन में सांसद ने जमीनी हकीकत बयां करते हुए कहा कि किसान लंबी कतारों में धक्के खा रहे हैं और उन्हें लाठीचार्ज तक झेलना पड़ रहा है, जबकि डीलर और अधिकारी मिलीभगत कर कालाबाजारी में व्यस्त हैं।

​सांसद की प्रमुख मांगें:

​टोंक-सवाई माधोपुर में उर्वरक वितरण की उच्चस्तरीय जांच हो।

पर्याप्त रैक मिलने के बाद भी कमी क्यों, इस पर राज्य सरकार से जवाब तलब किया जाए।

​ब्लैक मार्केटिंग करने वाले अधिकारियों और डीलरों पर सख्त कार्रवाई हो।

​किसानों के लिए शिकायत निवारण प्रणाली लागू की जाए।

​सांसद मीणा ने चेतावनी दी है कि यदि केंद्र ने हस्तक्षेप नहीं किया तो राज्य सरकार के कुप्रबंधन के कारण किसानों की परेशानी और बढ़ेगी।