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पलाई: विवादों के घेरे में रहने वाले VDO रमेश प्रजापत फिर निलंबित

प्रकाशित: 28 Dec 2025

पलाई (टोंक)। टोंक जिले के पलाई ग्राम पंचायत में लंबे समय से विवादों और चर्चाओं का केंद्र बने ग्राम विकास अधिकारी (VDO) रमेश प्रजापत को एक बार फिर निलंबन का सामना करना पड़ा है। मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) टोंक, परशुराम धानका ने प्रशासनिक अनुशासनहीनता और आमजन की शिकायतों को आधार मानते हुए प्रजापत को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

प्रशासनिक कार्रवाई और नियम

​मुख्य कार्यकारी अधिकारी द्वारा जारी आदेशों के अनुसार, यह कार्रवाई राजस्थान सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1958 के नियम 13 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए की गई है। निलंबित अवधि के दौरान रमेश प्रजापत को पंचायत समिति टोंक में उपस्थिति दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं। प्रजापत के पास पलाई के साथ-साथ ग्राम पंचायत बालिथल का भी अतिरिक्त कार्यभार था, जो अब उनसे वापस ले लिया गया है।

​दो साल का विवादित सफर: 2 बार निलंबन, 1 बार APO

​उल्लेखनीय है कि रमेश प्रजापत का पलाई में पिछले दो वर्षों का कार्यकाल काफी विवादों भरा रहा है। प्रशासनिक रिकॉर्ड के अनुसार:

​पिछले 24 महीनों में उन्हें दो बार पहले भी निलंबित किया जा चुका है।

​एक बार उन्हें APO (पदस्थापन आदेशों की प्रतीक्षा) भी रखा गया था।

बावजूद इसके, हर बार बहाली के बाद उनकी नियुक्ति वापस पलाई पंचायत में ही कर दी गई, जिसे लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों का आरोप है कि राजनीतिक संरक्षण और रसूख के चलते वे बार-बार इसी पंचायत में लौटने में कामयाब हो जाते हैं।

​हठधर्मिता और भ्रष्टाचार के आरोप

​ग्रामीणों और स्थानीय कार्यकर्ताओं का कहना है कि रमेश प्रजापत की कार्यशैली तानाशाही और मनमानी से भरी रही है। उनकी 'हठधर्मिता' के कारण न केवल विकास कार्य बाधित हुए, बल्कि आमजन को अपने जायज कामों के लिए भी दफ्तरों के चक्कर काटने को मजबूर होना पड़ा। राजनीतिक द्वेषता के चलते आम लोगों को परेशान करने की शिकायतें भी जिला प्रशासन तक पहुँची थीं।

विधायक और कलेक्टर से गुहार: “अब पलाई में नो एंट्री”

​निलंबन की खबर के बाद कस्बे के ग्रामीणों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने राहत की सांस ली है। हालांकि, इस बार ग्रामीणों ने आर-पार की लड़ाई का मन बना लिया है। ग्रामीणों के एक प्रतिनिधिमंडल ने जिला कलेक्टर टोंक और क्षेत्रीय विधायक राजेंद्र गुर्जर से पुरजोर मांग की है कि:

​भविष्य में यदि रमेश प्रजापत बहाल होते हैं, तो उन्हें वापस पलाई पंचायत की जिम्मेदारी न दी जाए।

​उनकी पुरानी शिकायतों और कार्यकाल की उच्च स्तरीय जांच करवाई जाए।

शैलेंद्र सिंह संभालेंगे जिम्मेदारी

​प्रशासन ने व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए पलाई ग्राम पंचायत में रमेश प्रजापत के स्थान पर शैलेंद्र सिंह को नियुक्त किया है। नए अधिकारी की नियुक्ति के बाद ग्रामीणों को उम्मीद है कि रुके हुए विकास कार्यों में तेजी आएगी और पंचायत के कामकाज में पारदर्शिता लौटेगी।