उनियारा में बजरी माफियाओं पर 'सर्जिकल स्ट्राइक' की तैयारी
उनियारा उपखण्ड क्षेत्र में वर्षों से नासूर बन चुकी अवैध बजरी और पत्थर खनन की समस्या पर अब पुलिस प्रशासन ने निर्णायक प्रहार करने की ठान ली है। उनियारा पुलिस उपाधीक्षक (DySP) आकांक्षा चौधरी ने क्षेत्र में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने और प्राकृतिक संपदा के दोहन को रोकने के लिए 'एक्शन प्लान' तैयार कर लिया है। उनकी इस सक्रियता और सख्त तेवरों को देखते हुए बजरी और खनन माफियाओं में हड़कंप मच गया है।
थानाधिकारियों को स्पष्ट संदेश: कोताही बर्दाश्त नहीं
पुलिस उपाधीक्षक आकांक्षा चौधरी ने वृत क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सभी थानाधिकारियों (एसएचओ) के साथ विशेष मंत्रणा करते हुए कड़े निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि अवैध बजरी और पत्थर का परिवहन किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
DySP ने निर्देश दिए कि सभी थानाधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में:
आपसी सामंजस्य बढ़ाएं: सीमावर्ती थानों के साथ सूचनाएं साझा करें ताकि माफिया पुलिस को चकमा न दे सकें।
सघन चेकिंग अभियान: संदिग्ध रास्तों और समय पर नाकाबंदी कर अवैध वाहनों की धरपकड़ करें।
कठोर कानूनी कार्यवाही: पकड़े गए वाहनों और लिप्त व्यक्तियों पर सख्त धाराओं में मुकदमा दर्ज करें।
प्रकृति संरक्षण और आमजन की सुरक्षा प्राथमिकता
इस कार्यवाही का उद्देश्य केवल माफियाओं को पकड़ना नहीं, बल्कि पर्यावरण को बचाना भी है। DySP आकांक्षा चौधरी ने बताया कि अवैध खनन से प्रकृति को अपूरणीय क्षति हो रही है। इसके अलावा, अवैध परिवहन में लगे तेज रफ्तार वाहन अक्सर दुर्घटनाओं का कारण बनते हैं, जिससे आमजन का जीवन खतरे में पड़ता है। इन वाहनों के पहिये थमने से एक तरफ प्रकृति का संरक्षण होगा, वहीं दूसरी तरफ सड़कें भी सुरक्षित होंगी।
माफियाओं में मची खलबली, बदले रास्ते
पुलिस प्रशासन की इस नई और सख्त रणनीति की भनक लगते ही खनन माफियाओं की नींद उड़ गई है। सूत्रों के अनुसार, पुलिस की सख्ती को देखते हुए कई माफियाओं ने अपने वाहन खड़े कर दिए हैं या वे भूमिगत हो गए हैं। पुलिस की इस "बड़ी कार्यवाही" की तैयारी ने अवैध कारोबारियों के बीच खलबली मचा दी है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में क्षेत्र में कई बड़ी धरपकड़ देखने को मिल सकती हैं।