आग ने छीना आशियाना,जली गृहस्थी, इंसानियत ने बढ़ाया मदद का हाँथ मुसीबत जब अचानक दस्तक देती है, तो जिंदगी की पूरी दिशा बदल जाती है, लेकिन ऐसे कठिन समय में अगर कोई मदद का हाथ बढ़े तो उम्मीद फिर से जिं...
आग ने छीना आशियाना,जली गृहस्थी, इंसानियत ने बढ़ाया मदद का हाँथ
मुसीबत जब अचानक दस्तक देती है, तो जिंदगी की पूरी दिशा बदल जाती है, लेकिन ऐसे कठिन समय में अगर कोई मदद का हाथ बढ़े तो उम्मीद फिर से जिंदा हो उठती है।
छतरपुर जिले की लवकुश नगर तहसील के बम्होरी पुरवा गांव में हुई आगजनी की घटना ने एक परिवार को गहरे संकट में डाल दिया, लेकिन समाजसेवा की एक पहल ने उनके दर्द को थोड़ा कम करने की कोशिश जरूर की है।
दरअसल ग्राम बम्होरी पुरवा में चार दिन पहले लगी भीषण आग ने एक परिवार की जिंदगी को पूरी तरह झकझोर कर रख दिया। शॉर्ट सर्किट से भड़की इस आग ने शिवहरे परिवार का आशियाना ही नहीं, बल्कि उनकी पूरी गृहस्थी को भी राख में बदल दिया।
परिवार की मुखिया चंपा शिवहरे, जिनके पति का निधन कोरोना काल में हो चुका है, अपने बेटे और बेटी के साथ किसी तरह जीवन यापन कर रही थीं। आने वाले दिनों में उनकी बेटी की शादी होनी थी, लेकिन इस अचानक आई आपदा ने उनकी उम्मीदों पर मानो पानी फेर दिया। आगजनी के बाद परिवार गहरे मानसिक आघात और आर्थिक संकट से जूझ रहा है।
इस दुखद घटना की जानकारी वीडियो के माध्यम से सिजई निवासी व्यवसायी एवं समाजसेवी अभिषेक सिंह चौहान तक पहुंची। सूचना मिलते ही वे अपने सहयोगियों सोनू यादव, राजू निगम और अरविंद यादव के साथ पीड़ित परिवार के घर पहुंचे। उन्होंने परिवार को 11 हजार रुपये की नगद सहायता प्रदान की और भविष्य में हरसंभव सहयोग का भरोसा भी दिलाया।
अभिषेक सिंह चौहान ने कहा कि कठिन समय में एक-दूसरे के साथ खड़ा होना ही सच्चा मानवीय धर्म है। उन्होंने आश्वस्त किया कि वे आगे भी इस परिवार की हर संभव मदद करते रहेंगे।
गौरतलब है कि अभिषेक सिंह चौहान इससे पहले भी सामाजिक सरोकारों में सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं। पिछले साल महाकुंभ के दौरान उन्होंने अपने निजी खर्च पर 6 बसों की व्यवस्था कर ग्रामीणों को प्रयागराज ले जाकर कुम्भ स्नान कराया था।
इस पहल ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि समाज में संवेदनशील और मददगार लोग आज भी मौजूद हैं, जो जरूरत के समय दूसरों का सहारा बनते हैं।