गोरखपुर न्यूज़
Home / Local / Uttar Pradesh / गोरखपुर
🚨 Breaking News | गोरखपुर

एम्स गोरखपुर में मनाया गया विश्व स्ट्रोक दिवस 2025 : लकवा में समय से लक्षण की पहचान, उपचार व रोकथाम है जरूरी

गोरखपुर | 31-Oct-2025 02:13 AM | 47 |
गोरखपुर
लकवा में समय से लक्षण की पहचान, उपचार व रोकथाम है जरूरी

गोरखपुर। एम्स गोरखपुर में विश्व स्ट्रोक दिवस 2025 के अवसर पर एक जनजागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसका उद्देश्य आम जनता को स्ट्रोक (लकवा) के लक्षणों की समय से पहचान, रोकथाम और आधुनिक उपचारों के बारे में जागरूक करना था।

कार्यक्रम का आयोजन न्यूरोलॉजी विभाग, एम्स गोरखपुर द्वारा किया गया।

कार्यक्रम का उद्घाटन मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) डॉ. विभा दत्ता, कार्यकारी निदेशक, एम्स गोरखपुर ने किया। स्वागत संबोधन में डॉ. आशुतोष तिवारी, इंचार्ज, न्यूरोलॉजी विभाग ने निदेशिका का स्वागत किया और कार्यक्रम की रूपरेखा बताई।

मुख्य अतिथि डॉ. विभा दत्ता ने कहा,

> “पक्षाघात या लकवा, जिसे ‘ब्रेन अटैक’ भी कहा जाता है, में दर्द नहीं होता, इसलिए मरीज या परिजन अस्पताल पहुंचने में देर कर देते हैं। इसी कारण इलाज के बाद भी परिणाम उतना अच्छा नहीं मिल पाता। समय पर पहचान और उपचार से जीवन बचाया जा सकता है।”

 

उन्होंने अस्पताल में भर्ती मरीजों और उनके परिजनों से भी संवाद किया।

इसके बाद कार्यक्रम में डॉ. महिमा मित्तल (डीन अकादमिक), डॉ. अजय भारती (मेडिकल सुपरिटेंडेंट), डॉ. अजय कुमार मिश्रा, डॉ. सौरभ केडिया, डॉ. मनोज पृथ्वीराज, डॉ. आशुतोष त्रिपाठी, डॉ. अभिमन्यु और डॉ. सार्थक सहित कई विशेषज्ञों ने स्ट्रोक के कारण, लक्षण और उपचार पर अपने विचार साझा किए।

प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में डॉ. अजय मिश्रा, डॉ. अतुल और डॉ. अभिमन्यु निर्णायक रहे।

संपादन कार्य में डॉ. आशुतोष तिवारी, डॉ. हर्षित, डॉ. आर्या और डॉ. आस्था शामिल रहे।

पोस्टर प्रतियोगिता में एमबीबीएस छात्रों ने सक्रिय भागीदारी की।

कार्यक्रम के आयोजन में खुशबू, विनय और सुनीता ने योगदान दिया।

कार्यक्रम का समापन डॉ. आशुतोष तिवारी ने धन्यवाद ज्ञापन के साथ किया।

 

स्ट्रोक (लकवा) से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी

कैसे होता है लकवा:

मस्तिष्क को रक्त पहुंचाने वाली नसों में थक्का जमने या नस के फटने से स्ट्रोक होता है।

मुख्य लक्षण:

चेहरा टेढ़ा होना, शरीर के एक भाग में कमजोरी, अचानक बोलने या देखने में परेशानी, बेहोशी या तेज सिर दर्द।

प्रकार:

1. इंफार्क्ट — थक्का जमने के कारण

 

2. हेमरेज — नस फटने के कारण

 

इलाज में समय का महत्व:

पहले 4.5 घंटे में थक्के को दवा से घोला जा सकता है। इसके बाद भी उपचार संभव है, परंतु देरी से परिणाम सीमित हो सकते हैं।

रोकथाम के उपाय:

1. नियमित व्यायाम करें

 

2. ब्लड प्रेशर और शुगर नियंत्रित रखें

 

3. धूम्रपान और मदिरा से दूर रहें

 

4. मोटापे से बचें

 

5. किसी भी लक्षण पर तुरंत अस्पताल जाएँ

 

“स्ट्रोक के लक्षण होने पर झाड़-फूंक और अफवाहों में समय न गवाएँ, तुरंत अस्पताल पहुँचें।”

— मेजर जनरल डॉ. विभा दत्ता, कार्यकारी निदेशक, एम्स गोरखपुर

 

“चिकित्सा विज्ञान की उन्नति से अब लकवा का आधुनिक इलाज संभव है, बशर्ते मरीज समय से अस्पताल पहुँचे।”

— डॉ. आशुतोष तिवारी, इंचार्ज, न्यूरोलॉजी विभाग

 

अन्य खबरें

KIRORI MAL KA HATA, SUMER SAGAR, GORAKHPUR
Copyright © 2024 - 2025 PHM News. All Rights Reserved.