गोरखपुर, बालाजी एकेडमी गोरखपुर में 02 एवं 03 अप्रैल 2026 को सिविल लाइंस एवं असुरन शाखा के विद्यार्थियों के लिए दो दिवसीय अतिथि व्याख्यान का आयोजन किया गया। इस व्याख्यान में मुख्य वक्ता के रूप में दिग्...
गोरखपुर, बालाजी एकेडमी गोरखपुर में 02 एवं 03 अप्रैल 2026 को सिविल लाइंस एवं असुरन शाखा के विद्यार्थियों के लिए दो दिवसीय अतिथि व्याख्यान का आयोजन किया गया। इस व्याख्यान में मुख्य वक्ता के रूप में दिग्विजयनाथ पी.जी. कॉलेज गोरखपुर के कम्प्यूटर विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. पवन कुमार पाण्डेय ने “आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का रोजमर्रा की जिंदगी पर प्रभाव” विषय पर विस्तार से अपने विचार रखे।
अपने संबोधन में डॉ. पाण्डेय ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आज के दौर की एक क्रांतिकारी तकनीक है, जो मानव जीवन को नई दिशा दे रही है। यह तकनीक न केवल हमारे दैनिक कार्यों को आसान और तेज बनाती है, बल्कि हमारी कार्यक्षमता, निर्णय लेने की क्षमता और रचनात्मकता को भी कई गुना बढ़ा देती है।
उन्होंने बताया कि आज शिक्षा, स्वास्थ्य, बैंकिंग, कृषि, ट्रैफिक मैनेजमेंट, परिवहन और मनोरंजन जैसे लगभग हर क्षेत्र में एआई का व्यापक उपयोग हो रहा है। शिक्षा के क्षेत्र में एआई आधारित प्लेटफॉर्म छात्रों को व्यक्तिगत सीखने का अवसर देते हैं, जिससे वे अपनी क्षमता और गति के अनुसार अध्ययन कर सकते हैं। स्मार्ट क्लासरूम, ऑनलाइन टेस्टिंग और ऑटोमैटिक मूल्यांकन प्रणाली भी इसी तकनीक का परिणाम हैं।
ट्रैफिक मैनेजमेंट में एआई का उपयोग स्मार्ट सिग्नल, रियल-टाइम ट्रैफिक मॉनिटरिंग और भीड़ नियंत्रण के लिए किया जा रहा है, जिससे जाम की समस्या कम होती है और सड़क सुरक्षा में सुधार आता है। वहीं स्वास्थ्य क्षेत्र में एआई रोगों की प्रारंभिक पहचान, मेडिकल रिपोर्ट के विश्लेषण और रोबोटिक सर्जरी में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
डॉ. पाण्डेय ने बैंकिंग और कृषि क्षेत्र में एआई के योगदान पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि बैंकिंग में एआई फ्रॉड डिटेक्शन और कस्टमर सर्विस को बेहतर बना रहा है, जबकि कृषि में फसल पूर्वानुमान, स्मार्ट सिंचाई और उत्पादन बढ़ाने में इसका उपयोग हो रहा है।
रचनात्मक क्षेत्र में भी एआई ने नई संभावनाएं खोली हैं। Midjourney और DALL·E जैसे टूल्स की मदद से आकर्षक चित्र बनाए जा सकते हैं, जबकि Runway ML और Pictory के जरिए प्रोफेशनल वीडियो तैयार करना आसान हो गया है। Animaker और ToonMe जैसे प्लेटफॉर्म से एनिमेशन और कार्टून निर्माण भी सरल हो गया है।
कार्यक्रम का संचालन एकेडमिक हेड अविनाश श्रीवास्तव द्वारा किया गया, जबकि अंत में निदेशक शरत चंद त्रिपाठी ने सभी अतिथियों और प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि बालाजी एकेडमी विद्यार्थियों के शैक्षणिक और तकनीकी विकास के लिए लगातार ऐसे कार्यक्रम आयोजित करती रहती है।
इस अवसर पर लक्ष्मण थापा, शालिनी, कृति सिंह, ओम, सर्वेश, अनुराग, विशाल, रवि, पीयूष पांडे, जितेंद्र, शुभम, जूही, मनीष, सुहानी, सिमरन, अनूप दुबे, ऋतिका, साहिबा और विनीत पाण्डेय सहित बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।