गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के वनस्पति विज्ञान विभाग में शुक्रवार को दोपहर 12 बजे “साइबर अपराध जागरूकता अभियान” विषय पर एक कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्या...
गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के वनस्पति विज्ञान विभाग में शुक्रवार को दोपहर 12 बजे “साइबर अपराध जागरूकता अभियान” विषय पर एक कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों, शोधार्थियों और शिक्षकों को बढ़ते साइबर अपराधों से सावधान करते हुए सुरक्षित डिजिटल व्यवहार के प्रति जागरूक करना था।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) राजकरण नैय्यर थे, जबकि अध्यक्षता प्रति कुलपति प्रो. शांतनु रस्तोगी ने की। इस अवसर पर विश्वविद्यालय परिवार और विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
अपने विस्तृत व्याख्यान में एसएसपी राजकरण नैय्यर ने मल्टीमीडिया प्रस्तुति के माध्यम से बताया कि आज के डिजिटल युग में साइबर अपराध किस प्रकार तेजी से बढ़ रहे हैं। उन्होंने यह समझाया कि अपराधी सोशल मीडिया, ईमेल, फेक लिंक और मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से लोगों को भ्रमित कर आर्थिक और डेटा संबंधी ठगी करते हैं।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को अपनी डिजिटल सुरक्षा के प्रति सचेत रहना चाहिए और अजनबियों से व्यक्तिगत जानकारी साझा करने से बचना चाहिए। एसएसपी ने विद्यार्थियों को साइबर अपराधों से निपटने के व्यावहारिक उपाय बताते हुए कहा कि किसी भी प्रकार की ठगी या संदिग्ध गतिविधि की स्थिति में तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करें या www.cybercrime.gov.in पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।
प्रति कुलपति प्रो. शांतनु रस्तोगी ने अपने उद्बोधन में कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन छात्रों को डिजिटल सुरक्षा के प्रति शिक्षित करने के लिए निरंतर ऐसे कार्यक्रम आयोजित करता रहेगा। उन्होंने कहा कि “तकनीक ने जीवन को सरल बनाया है, लेकिन इसके दुरुपयोग से बचने के लिए जागरूकता ही सबसे बड़ा हथियार है।”
कार्यक्रम का संचालन विभाग की संयोजक डॉ. के. सुनीता ने किया। स्वागत उद्बोधन प्रो. पूजा सिंह (पूर्व अध्यक्ष, वनस्पति विज्ञान विभाग) ने दिया और धन्यवाद ज्ञापन विभागाध्यक्ष डॉ. अनिल कुमार द्विवेदी ने किया।
कार्यशाला में विभाग के सभी शिक्षक, कर्मचारी, छात्र-छात्राएँ एवं शोधार्थी उत्साहपूर्वक उपस्थित रहे। प्रतिभागियों ने इस आयोजन को उपयोगी और प्रेरक बताया।