गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय ने विद्यार्थियों के कैरियर निर्माण और रोजगारोन्मुखी विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। विश्वविद्यालय में एच.यू.आर.एल.–एन.एस.डी.सी. स्किल डेवल...
गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय ने विद्यार्थियों के कैरियर निर्माण और रोजगारोन्मुखी विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। विश्वविद्यालय में एच.यू.आर.एल.–एन.एस.डी.सी. स्किल डेवलपमेंट ट्रेनिंग प्रोग्राम के लिए पंजीकरण प्रक्रिया प्रारंभ हो चुकी है।
इस कार्यक्रम के अंतर्गत लगभग 400 विद्यार्थियों को उद्योग आधारित ट्रेनिंग प्रदान की जाएगी। प्रत्येक प्रतिभागी को ₹8,000 का स्टाइपेंड मिलेगा, जिसके तहत कुल ₹32 लाख की राशि वितरित की जाएगी। प्रशिक्षण पूर्ण होने के उपरांत विद्यार्थियों को 70 प्रतिशत से अधिक प्लेसमेंट अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे।
यह कार्यक्रम हिंदुस्तान उर्वरक एवं रसायन लिमिटेड (एच.यू.आर.एल.) और नेशनल स्किल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (एन.एस.डी.सी.) के संयुक्त तत्वावधान में मैपिंग स्किल्स टेक्नोलॉजी प्रा. लि. द्वारा संचालित किया जा रहा है।
कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने बताया कि विश्वविद्यालय का उद्देश्य केवल शैक्षणिक उत्कृष्टता तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों को उद्योग जगत की मांग के अनुरूप प्रायोगिक अनुभव, संप्रेषण कौशल और पर्सनैलिटी डेवलपमेंट का अवसर देना भी है। उन्होंने कहा — “आज के प्रतिस्पर्धी युग में केवल डिग्री पर्याप्त नहीं है। इंडस्ट्री एक्सपोज़र और स्किल डेवलपमेंट विद्यार्थियों की सफलता की कुंजी हैं।”
गाइडेंस एंड प्लेसमेंट सेल के निदेशक प्रो. अजय कुमार शुक्ला ने बताया कि कुलपति के प्रेरक नेतृत्व में यह कार्यक्रम प्रारंभ किया जा रहा है। विद्यार्थियों के लिए क्यूआर कोड जारी किए गए हैं, जिनके माध्यम से वे ऑनलाइन पंजीकरण कर सकते हैं। स्क्रीनिंग के बाद पात्र विद्यार्थियों को ट्रेनिंग में सम्मिलित किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय के तीन विभाग —
कॉमर्स विभाग (अकाउंट असिस्टेंट),
एम.बी.ए. विभाग (रिटेल सेल्स एग्जीक्यूटिव),
इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग (एफ.टी.सी.ए.पी. — कंप्यूटिंग एवं परिधीय उपकरण तकनीशियन)
ट्रेनिंग सेंटर के रूप में चयनित किया गया है।
कार्यक्रम के समन्वयक के रूप में श्री बसु अग्रहरि को स्पॉक (Single Point of Contact) नियुक्त किया गया है, जो समस्त प्रशासनिक और प्रशिक्षण गतिविधियों की निगरानी करेंगे।
प्रो. शुक्ला ने विद्यार्थियों से अपील की कि सीमित सीटों के कारण वे शीघ्र पंजीकरण करें ताकि इस रोजगारोन्मुखी अवसर का लाभ उठाया जा सके।